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नर्गिस: गईं थी स्क्रीन टेस्ट में फेल होने, चुन ली गई लीड एक्ट्रेस, राजकपूर के साथ जमी जोड़ी

अपने बहुआयामी अभिनय से दर्शकों को चमत्कृत किए रखा लेकिन बचपन में वह डॉक्टर बनने के सपने देखती थी

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Mahendra Yadav

May 03, 2018

Nargis

Nargis

बॉलीवुड अभिनेत्री नर्गिस ने लगभग चार दशक तक अपने बहुआयामी अभिनय से दर्शकों को चमत्कृत किए रखा लेकिन बचपन में वह डॉक्टर बनने के सपने देखती थी। कलकत्ता शहर में एक जून 1929 को जन्मी कनीज फातिमा राशिद उर्फ नर्गिस के घर में मां जद्दन बाई के अभिनेत्री और फिल्म निर्माता होने के कारण फिल्मी माहौल था। नरगिस ने लगभग 55 फिल्मों में का किया। नरगिस को अपने सिने कॅरियर में मान-सम्मान बहुत मिला। उन्हें राज्यसभा सदस्य भी बनाया गया।

अभिनय में नहीं थी दिलचस्पी:
घर में फिल्मी माहौल होने के बावजूद बचपन में नर्गिस की अभिनय में कोई दिलचस्पी नहीं थी। उनकी तमन्ना डाक्टर बनने की थी जबकि उनकी मां चाहती थी कि वह अभिनेत्री बनें। एक दिन उनकी मां ने उनसे स्क्रीन टेस्ट के लिए फिल्म निर्माता एवं निर्देशक महबूब खान के पास जाने को कहा। चूंकि नर्गिस अभिनय क्षेत्र में जाने की इच्छुक नहीं थीं इसलिए उन्होंने सोचा कि यदि वह स्क्रीन टेस्ट में फेल हो जाती हैं तो उन्हें अभिनेत्री नहीं बनना पड़ेगा।

'तकदीर' में बतौर नायिका हुआ चयन:

स्क्रीन टेस्ट के दौरान नर्गिस ने अनमने ढंग से संवाद बोले और सोचा कि महबूब खान उन्हें स्क्रीन टेस्ट में फेल कर देंगे लेकिन उनका यह विचार गलत निकला। महबूब खान ने अपनी फिल्म 'तकदीर' (1943) के लिए उन्हें बतौर नायिका उन्हें चुन लिया। इसके बाद वर्ष 1945 मे महबूब खान द्वारा ही निर्मित फिल्म 'हुमाँयू' मे नरगिस को काम करने का मौका मिला। वर्ष 1949 नरगिस के सिने कैरियर में अहम पड़ाव साबित हुआ।

राजकपूर के साथ जोड़ी:
नरगिस के सिने कैरियर मे उनकी जोड़ी राज कपूर के साथ काफी पसंद की गई। राज कपूर और नरगिस ने सबसे पहले फिल्म वर्ष 1948 मे प्रदर्शित फिल्म 'आग' मे एक साथ अभिनय किया था। इसके बाद नरगिस ने उनके साथ 'बरसात', 'अंदाज', 'जान-पहचान', 'प्यार', 'आवारा', 'अनहोनी', 'आशियाना', 'आह', 'धुन', 'श्री 420', 'जागते रहो', 'चोरी चोरी' जैसी कई फिल्मों में भी काम किया। वर्ष 1956 में प्रदर्शित फिल्म 'चोरी चोरी'नरगिस और राजकपूर की जोड़ी वाली अंतिम फिल्म थी।

सुनील दत्त ने बचाया आग से:
वर्ष 1957 में महबूब खान की फिल्म 'मदर इंडिया' नर्गिस के सिने कॅरियर के साथ ही व्यक्तिगत जीवन मे भी बहुत महत्वपूर्ण भूमिका अदा की। इस फिल्म में नर्गिस ने सुनील दत्त की मां का किरदार निभाया था। मदर इंडिया की शूटिंग के दौरान नरगिस को आग से सुनील दत्त ने बचाया था। इस घटना के बाद नर्गिस ने कहा था कि पुरानी नर्गिस की मौत हो गई है और नई नर्गिस का जन्म हुआ है। नर्गिस ने अपनी उम्र और हैसियत की परवाह किए बिना सुनील दत्त को अपना जीवन साथी चुन लिया।