
Badshah Tateeree Song Controversy (सोर्स- एक्स)
Badshah Tateeree Song Controversy: मशहूर रैपर और सिंगर बादशाह एक बार फिर विवादों में घिर गए हैं। इस बार मामला उनके हाल ही में रिलीज हुए हरियाणवी गाने ‘टटिरी’ के बोलों को लेकर खड़ा हुआ है। गाने में कथित तौर पर आपत्तिजनक और महिलाओं को लेकर अनुचित शब्दों के इस्तेमाल का आरोप लगाया गया है। इसी को लेकर हरियाणा वुमन स्टेट कमिशन ने सख्त रुख अपनाते हुए उन्हें समन जारी किया है। इसके साथ ही अब रैपर के खिलाफ एफआईआर भी दर्ज हो चुकी है।
रैपर बादशाह का हाल ही में रिलीज हुआ हरियाणवी फोक गाना 'टटिरी' कानूनी विवाद में घिर गया है। इस गाने को लेकर पंचकूला के सेक्टर-20 स्थित साइबर क्राइम पुलिस स्टेशन में रैपर के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है। यह शिकायत चंडीमंदिर निवासी अभय चौधरी ने दर्ज कराई है। शिकायत में आरोप लगाया गया है कि इस गाने में अश्लील बोल और आपत्तिजनक दृश्य दिखाए गए हैं।
शिकायत के अनुसार, बादशाह के आधिकारिक यूट्यूब चैनल पर जारी किए गए इस गाने और उसके वीडियो में अपमानजनक भाषा, इशारे और स्कूल यूनिफॉर्म पहने लड़कियों को दिखाया गया है। शिकायतकर्ता का कहना है कि स्कूल जैसे माहौल में इस तरह के दृश्य दिखाना बेहद आपत्तिजनक है और इससे समाज में गलत संदेश जाता है। एफआईआर में यह भी कहा गया है कि गाने की सामग्री अश्लीलता को बढ़ावा देती है और महिलाओं की गरिमा को ठेस पहुंचाती है।
मामले को गंभीरता से लेते हुए पुलिस ने भारतीय दंड संहिता (IPC) की धारा 296 और इंडिसेंट रिप्रेजेंटेशन ऑफ वूमेन (प्रोहिबिशन) एक्ट, 1986 की धारा 3 और 4 के तहत केस दर्ज किया है। फिलहाल पुलिस इस मामले की जांच कर रही है।
हरियाणा महिला आयोग की चेयरपर्सन रेनू भाटिया ने बताया कि आयोग ने इस मामले का खुद संज्ञान लिया है। आयोग को कई शिकायतें मिली थीं जिनमें कहा गया था कि गाने के कुछ शब्द महिलाओं और नाबालिग लड़कियों के प्रति अपमानजनक हैं। इन शिकायतों के आधार पर आयोग ने मामले की जांच शुरू कर दी है।
बताया जा रहा है कि ‘टटिरी’ गाना 1 मार्च 2026 के आसपास रिलीज हुआ था और रिलीज के बाद से ही इसके बोलों को लेकर सोशल मीडिया पर बहस शुरू हो गई थी। कई लोगों ने इसे मनोरंजन का हिस्सा बताया, जबकि कुछ सामाजिक संगठनों ने इसे संस्कृति और मर्यादा के खिलाफ बताया।
आयोग की ओर से जारी आधिकारिक नोटिस में बताया गया कि रैपर बादशाह, जिनका असली नाम आदित्य प्रतीक सिंह सिसोदिया है, को सुनवाई के लिए बुलाया गया है। इस मामले में आयोग ने प्रशासन को भी निर्देश दिए हैं कि सुनवाई के दौरान संबंधित सभी पक्ष मौजूद रहें।
यह शिकायत पानीपत की सामाजिक कार्यकर्ता सविता आर्या और शिव आरती इंडिया फाउंडेशन के निदेशक शिव कुमार की ओर से दर्ज कराई गई है। दोनों का कहना है कि गाने के बोल समाज में गलत संदेश देते हैं और महिलाओं का वस्तुकरण करते हैं।
महिला आयोग ने इस पूरे मामले की सुनवाई के लिए 13 मार्च की तारीख तय की है। यह सुनवाई पानीपत के डीसी ऑफिस स्थित कॉन्फ्रेंस हॉल में होगी। इस बैठक की अध्यक्षता स्वयं आयोग की चेयरपर्सन रेनू भाटिया करेंगी।
आयोग का कहना है कि अगर किसी भी गाने या कंटेंट में ऐसी भाषा का इस्तेमाल होता है जिससे समाज के किसी वर्ग की गरिमा प्रभावित होती है, तो उस पर कार्रवाई होना जरूरी है। इसलिए आयोग इस मामले को गंभीरता से देख रहा है।
इस विवाद के बीच रेनू भाटिया ने एक और अहम मुद्दा उठाया है। उन्होंने सवाल किया कि अगर किसी गाने में इतने आपत्तिजनक शब्द हैं तो आखिर यह नियामक प्रक्रिया से कैसे गुजर गया। उन्होंने बताया कि वह पहले फिल्म सेंसर बोर्ड की सदस्य रह चुकी हैं और ऐसे मामलों में सख्त जांच जरूरी होती है।
गाने को लेकर सोशल मीडिया पर भी दो तरह की प्रतिक्रियाएं देखने को मिल रही हैं। कुछ लोग कलाकार की अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता का समर्थन कर रहे हैं, जबकि कई लोग मानते हैं कि लोकप्रिय कलाकारों को अपने शब्दों के चयन में जिम्मेदारी दिखानी चाहिए।
अब सभी की नजर 13 मार्च को होने वाली सुनवाई पर टिकी हुई है, जहां यह तय होगा कि इस विवाद में आगे क्या कार्रवाई होती है और रैपर बादशाह इस मामले पर क्या सफाई देते हैं।
Updated on:
06 Mar 2026 07:27 pm
Published on:
06 Mar 2026 03:56 pm
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