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ऋचा चड्ढा की नई पहल, ‘द किंडरी’ के तहत रोज करेंगी गुमनाम नायकों को सेलिब्रेट

एक्ट्रेस ऋचा चड्ढा ने एक सोशल अभियान शुरू किया है। 'द किंडरी' नाम के इस अभियान में हर रोज ऐसे आम हीरोज की कहानी को सेलिब्रेट किया जाएगा, जिन्होंने इस कोविड काल में असाधारण काम किया हो।

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May 25, 2021

मुंबई। कोरोना काल में एंटरटेनमेंट जगत ने अपनी इंडस्ट्री, आम लोगों और सरकार की यथासंभव मदद की है। पिछले लॉकडाउन से लेकर इस साल कोरोना की दूसरी लहर तक, सेलेब्स ने जब-जब जरूरत पड़ी, मदद के हाथ आगे बढ़ाए हैं। इनमें सोनू सूद, अक्षय कुमार, रोहित शेट्टी, सलमान खान और अजय देवगन से लेकर कई नाम शामिल हैं। अब एक्ट्रेस ऋचा चड्ढा ने एक ऐसा अभियान शुरू किया है जिससे उन लोगों को भी प्रशंसा और सम्मान मिल सकेगा जो आम लोग हैं और इस कोरोना काल में समाज के लिए बेहतरीन काम कर रहे हैं। ऋचा ने इस अभियान को 'द किंडरी' नाम दिया है।

'द किंडरी' से गुमनाम हीरोज की कहानी पहुंचेगी लोगों तक
दरअसल, ऋचा चड्ढा ने 'द किंडरी' नाम से एक नई कम्युनिटी आधारित पहल शुरू की है। इसका अर्थ है, असाधारण काम करने वाले आम लोगों को हौसला बढ़ाना। यह अभी केवल एक सोशल मीडिया पहल है। ऋचा के एक पारिवारिक मित्र कृष्ण जगोटा से प्रेरित इस पहल के बारे में ऋचा ने विस्तार से बताया है। ऋचा ने कहा, 'मैं इस बात से प्रभावित हुई कि एक व्यक्ति, जिसने हताशा में कुछ चुराया था, उसके पास इतना बड़ा दिल और ईमानदारी थी कि उन्होंने उसे वापस कर दिया। मैं लोगों को 'सकारात्मक' होने और दर्द को अनदेखा करने के लिए नहीं कहना चाहती। इस मुहिम के तहत लोगों के आस-पास होने वाली ऐसी घटनाएं भी शामिल की जाएंगी, जो उतने लोगों तक नहीं पहुंचती जितनी पहुंचनी चाहिए। लोग भी चाहते हैं कि ऐसे आम सामाजिक हीरोज की कहानियां सामने आएं। हम छोटी शुरुआत करेंगे और हम एक कम्युनिटी बनाने या मौजूदा लोगों को मजबूत करने की उम्मीद करते हैं। लक्ष्य उन गुमनाम नायकों को सेलिब्रेट करने का है जिनके बारे में आप काम ही पढ़ते हैं।'

आशा को बढ़ाना और अच्छाई को सामने लाना होगा
ऋचा चड्ढा का कहना है कि हाल ही देखने में आया कि लोगों को इमरजेंसी में जीवन रक्षक दवाओं, हॉस्पिटल बेड और ऑक्सीजन की जरूरत पड़ी। कई लोगों ने इस काम में जरूरतमंदों की मदद की। हालांकि जो लोग ये काम दिन रात कर रहे हैं, उन लोगों के लिए जिनसे वे कभी नहीं मिले हैं। एक्ट्रेस का कहना है कि ऐसे समय में लोग एक-दूसरे से मतभेद, वैचारिक, सामाजिक अंतर को भूल कर मदद कर रहे हैं। इससे आशा मिलती है। मैं इन आशावादी कहानियों को साझा करना चाहती हूं जो वास्तविकता में निहित हैं। वास्तविक समाचारों के दर्द को कम करने के लिए हमें अच्छाई को बढ़ाना चाहिए। यह स्पष्ट है कि इस चरण के माध्यम से जो हमें दिखाई देगा, वह है अजनबियों की दयालुता।

Published on:
25 May 2021 07:36 pm
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