सैफ अली खान इन दिनों अपनी फिल्म 'विक्रम वेधा' के प्रोमोशन में जोरो शोरों से लगे हुए हैं। फिल्म दो दिनों बाद सिनेमाघरों में रिलीज होने वाली है, लेकिन इससे पहले ही सोशल मीडिया पर इसके बायकॉट की मांग उठने लगी है। दरअसल में सैफ एक बयान को लेकर बहिष्कार की मांग उठी थी और अब एक बार फिर एक्टर ने कुछ ऐसा बोल दिया है, जो तेजी से वायरल हो रहा है।
सैफ अली खान और रितिक रोशन स्टारर फिल्म विक्रम वेधा 30 सितंबर को रिलीज हो रही है। फिल्म को लेकर यूथ में काफी क्रेज देखने को मिल रहा है। फिल्म में सैफ के साथ ऋतिक रोशन भी स्क्रीन शेयर करेंगे। फिल्म में ताबड़तोड़ एक्शन को देखने के लिए फैंस बेताब हैं। फिल्म की स्टारकास्ट प्रोमोशन में जान झोंक रही है। इस दौरान एक्टर फिल्म के साथ साथ पर्सनल लाइफ से जुड़ी बातों को भी साझा कर रहे हैं।
हाल ही में बातचीत के दौरान सैफ ने कहा कि सैफ ने कहा है कि फिल्म में उनके कैरेक्टर की सोच से वह असल जिंदगी में बिल्कुल भी सहमत नहीं हैं। फिल्म में सैफ ने एक एनकाउंटर स्पेशलिस्ट विक्रम का किरदार निभाया है जबकि ऋतिक रोशन ने एक गैंगस्टर वेधा का कैरेक्टर निभाया है।
सैफ ने कहा कि फिल्म में एनकाउंटर देखना विचलित कर सकता है और उन्होंने कहा कि वह खुद को उदारवादी विचारों के साथ खुद को वामपंथ की तरफ झुकाव वाला इंसान मानते हैं।
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फिल्म के किरदार के बारे में बात करते हुए सैफ बताते हैं कि 'जब माफिया की समस्या कंट्रोल से बाहर हो जाती है तो एक व्यक्ति सामने आता है। इसमें यह नहीं दिखाया जाएगा कि कथित अपराधी बचकर भागने के प्रयास में मारा गया या उसकी हत्या की गई थी। बाद में कागजी कार्रवाई करके दिखाया जाता है कि वह भाग रहा था तो हमें उसे मारना पड़ा और इसी को एनकाउंटर कहा जाता है।'
उन्होंने बताया कि यह 'फेक एनकाउंटर' होता है। यह गैरकानूनी है और न्याय के सिद्धांत के खिलाफ है। इसके साथ ही सिनेमा पर इसे दिखाया जाना भी काफी परेशान करने वाला होता है जैसाकि मेरे किरदार के साथ दिखाया गया है। लेकिन उसे लगता है कि वह अच्छा आदमी है क्योंकि इसकी जरूरत है।'
सैफ ने आगे कहा कि 'विक्रम वेधा' एक एक्शन फिल्म जरूर है, लेकिन यह कुछ चीजों पर बहुत गहराई से जाती है। उन्होंने कहा, 'मैं शायद थोड़ा सा वामपंथ की तरफ झुकाव रखता हूं। मुझे लगता है कि मुझे ठीक से पता ही नहीं है। शायद मुझे ऐसी बातें आजकल कहनी नहीं चाहिए, लेकिन हां, मैं बेहद उदारवादी विचारों का आदमी हूं।'
एक्टर ने कहा 'मुझे लगता है कि किसी भी फैसले पर जाने से पहले हर आदमी का यह अधिकार है कि वह अपनी बात कह सके। निश्चित तौर पर फिल्म में जैसा मेरा किरदार दिखाया गया है, ऐसे लोगों को मारने वाला तो मैं बिल्कुल नहीं हूं। मैं अपने किरदार से असल जिंदगी में बिल्कुल अलग हूं।'
इससे पहले सैफ का एक और बयान सोशल मीडिया पर खूब वायरल हुआ था, जिसमें वो अपने बेटे तैमूर के नाम को लेकर बात कर रहे थे। इसमें उन्होंने कहा था कि वो तैमूक का नाम अलेक्जेंडर या राम नहीं रख सकते हैं। सैफ ने कहा था कि मैं इंटरनैशनल नाम चाहता था। मुझे यह भी बता था कि दुनिया में कुछ हद तक इस्लामोफोबिया भी है। मैं अपने बेटे का नाम अलेक्जेंडर या राम नहीं रख सकता था। तो सोचा क्यों न एक अच्छा मुस्लिम नाम रखूं।
उन्होंने आगे कहा कि उम्मीद करता हूं कि उसे सेक्युलर वेल्यूज के साथ बड़ा करूंगा ताकि एक-दूसरे का सम्मान करें। हालांकि उनका ये वीडियो काफी पुराना था, जो अब तेजी से वायरल हो रहा है। इसे देखने के बाद लोग गुस्से से लाल हो गए और फिल्म के बायकॉट की मांग करने लगे।
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