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श्रीदेवी की फिल्मों के इस डायरेक्टर ने की थी बिल्डिंग से कूदकर आत्महत्या करने की कोशिश

'रूप की रानी चोरों का राजा' फ्लॉप होने के बाद सतीश का जीवन इस कद्र मुश्किलों में आ गया था कि उन्होंने खुदकुशी करने की कोशिश की थी।

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Priti Kushwaha

Apr 13, 2018

satish kausik

satish kausik

बॉलीवुड में 'रूप की रानी' के नाम से फेमस श्रीदेवी की अचानक मौत ने पूरी दुनिया को सदमे में डाल दिया था। उनकी मौत के कुछ दिनों बाद दी उन्हें 'मैडम' कहने वाले सतीश कौशिक ने उनके साथ अपनी कुछ यादें शेयर की। श्रीदेवी को ताउम्र 'मैडम' कहने वाले कौशिक के जीवन में एक वक्त ऐसा भी आया था जब उन्होंने खुद को खत्म करने की कोशिश की थी। लेकिन समय कभी एक सा नहीं रहता। आज हम आपको सतीश के जीवन से जुड़ी कई अनसुनी बातें बताने जा रहे हैं।

कौशिक के नाम के साथ जुड़ गया था 'बैडलक':
'रूप की रानी चोरों का राजा' अपने समय की सबसे महंगी फिल्म थी। वहीं, इस फिल्म में काम कर रहे सभी स्टारकास्ट उस समय के सुपरस्टार्स थे। इसके बावजूद यह फिल्म फ्लॉप हो गई। यही नहीं उनकी अगली फिल्म 'प्रेम' भी बॉक्स आॅफिस पर बुरी तरह असफल रही। इसके बाद उनके नाम के साथ 'बैडलक' शब्द जुड़ गया था और बतौर डायरेक्टर उनका कॅरियर अंत की कगार पर था।

बिल्डिंग से कूद कर जान देने की कोशिश:
'रूप की रानी चोरों का राजा' फ्लॉप होने के बाद सतीश का जीवन इस कदर मुश्किलों में आ गया था कि उन्होंने खुदकुशी करने की कोशिश की थी। इस बात का खुलासा उन्होंने एक इंटरव्यू के दौरान किया था। उन्होंने बताया था कि वह किस तरह एक बिल्डिंग से कूदने की स्थिति तक पहुंच गये थे, लेकिन फिर उन्होंने अपना इरादा बदल दिया। फिल्में फ्लॉप होने के बाद वह नशे के भी आदी हो गए थे।

टैक्सटाइल मिल में करते थे नौकरी:
सतीश ने फिल्मों में आने से पहले मुंबई में ही एक टैक्सटाइल मिल में काम किया। उन्हें प्रति 400 रुपए वेतन मिलता था। यहां पर उन्होंने करीब एक साल काम नौकरी की। हालांकि, इस दौरान उन्होंने थिएटर से रिश्ता बनाये रखा। थिएटर से कौशिक का रिश्ता स्कूल और कॉलेज के जमाने से ही रहा था।

अनिल कपूर हैं सच्चे दोस्त:
कौशिक के अच्छे दोस्तों में अनिल कपूर का नमा आता है। खुद कौशिक कई बार अनिल कपूर का धन्यवाद कर चुके हैं कि बुरे समय में उन्होंने साथ दिया। कौशिक ने बताया था कि फ्लॉप डायरेक्टर का टैग लगने के बाद भी अनिल कपूर ने ही उन्हें 'हम आपके दिल में रहते हैं' का डायरेक्शन आॅफर किया और उस फिल्म से उनके जीवन में अच्छा समय आया।