
Shahrukh Khan in zero movie
फिल्म : जीरो
निर्देशक: आनंद एल राय
स्टार कास्ट: शाहरुख खान, कैटरीना कैफ, अनुष्का शर्मा, मोहम्मद जीशान अयूब
स्टार्स: 3/5
बॉलीवुड किंग शाहरुख खान (Shah Rukh Khan) इन दिनों अलग तरह की फिल्में करते नजर आ रहे हैं। उन्होंने फिल्म 'जीरो' (Zero) में भी काफी अलग तरह का किरदार निभाया है। इस फिल्म में वह एक बौने व्यक्ति बउआ सिंह के किरदार में हैं। बचपन से ही बउआ काफी मस्त मौला इंसान रहा है। दुनिया भले ही उसे बौना कर कर उसकी निंदा करती हो लेनिक वह इन सभी बातों को अलग रखकर अपनी लाइ। को इंज्वॉय करता है। इस फिल्म में एक्ट्रेस की बात करें तो इस फिल्म में कैटरीना कैफ (Katrina Kaif) और अनुष्का शर्मा (Anushka Sharma) लीड रोल में हैं। इन दोनों एक्ट्रेसेस ने भी अपने किरदारों के साथ पूरा न्याय किया है। तो आइए जानते हैं कैसी फिल्म है 'जीरो'...
कहानी: निर्देशक आनंद एल राय की फिल्म 'जीरो' की कहानी काफी मजेदार है। फिल्म की कहानी बौने बउआ सिंह के जीवन के इर्दगिर्द धूमती है। मेरठ में रहने वाला बउआ एक्ट्रेस बबीता कुमारी (कैटरीना कैफ) का बहुत बड़ा फैन है। वहीं बउवा की उम्र 38 साल हो चुकी है लेकिन अभी तक वह उसकी शादी नहीं हुई है। इसके साथ ही वह कोई कामधाम भी नहीं करता है। वह अपने सारे शौक अपने पिता के पैसों से पूरे करता है। उसकी शादी न होने की वजह उसका छोटा कद होता है। वहीं एक मैट्रिमोनियल कंपनी के जरिए उसकी मुलाकात आफिया (अनुष्का शर्मा) से होती है। आफिया एक डिसेबल्ड लड़की है। आफिया को व्हीलचेयर पर देखकर बउआ सिंह हैरान रह जाता है। मगर बाद में आफिया और बउआ को एक दूसरे से प्रेम हो जाता है। इसके आगे बबीता कुमारी यानि कैटरीना कैफ इस कहानी का हिस्सा किस तरह बनती हैं, इसके लिए आपको फिल्म देखना पड़ेगा। फिल्म का फर्स्ट हाफ खूब मनोरंजन करता है। फर्स्ट हाफ आपको खूब हंसाएगा। वहीं इसका दूसरा भाग थोड़ा इमोशनल है और दिल को छू जाता है। कुछ लोगों को सेकंड हाफ थोड़ा खींचा हुआ भी लग सकता है।
पत्रिका व्यू
डायरेक्टर ने इस फिल्म से दर्शकों का मनोरंज करने की पूरी कोशिश की है। आनंद एल राय ने फिल्म में कैटरीना को एक निगेटिव किरदार में दिखाया है। इससे पहले कैटरीना ने इस तरह का रोल कभी नहीं निभाया।
फिल्म में अनुष्का की एक्टिंग की काफी तारीफ हो रही है।
यह एक लव ट्राएंगल बेस्ड मूवी में है।
शानदार वीएफएक्स
फिल्म की कमजोर कड़ी की बात करें तो वो इसकी कहानी है।
फिल्म के गानें भी ज्यादा कमाल नहीं दिखा पाए हैं।
फिल्म में सलमान के कैमियो को काफी पसंद किया गया।
कमजोर कड़ियां-
आनंद एल राय ने फिल्म में पूरी कोशिश की है कि दर्शक अंत तक फिल्म की कहानी से जुड़े रहे। लेकिन फिल्म की कमजोर कड़ी की बात करें तो इस कहानी ज्यादा दमदार नहीं है। साथ ही फिल्म में जरूरत के मुताबिक, गाने ही नहीं हैं। वहीं इसका दूसरा हाफ कुछ लोगों को थोड़ा खींचा हुआ लग सकता है
Published on:
21 Dec 2018 10:47 am
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