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बच्चे के इलाज के लिए चाहिए 16 करोड़ का इंजेक्शन, शिल्पा शेट्टी ने की मदद की अपील

बॉलीवुड एक्ट्रेस शिल्पा शेट्टी ने स्पाइनल मस्कुलर एट्रोफी नाम की घातक बीमारी से पीड़ित एक बच्चे की मदद के लिए लोगों से अपील की है। इस बच्चे को इस बीमारी से बचाने के लिए जोलजेनस्मा नाम के इंजेक्शन की जरूरत है, जो करीब 16 करोड़ रुपए में आता है।

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मुंबई। बॉलीवुड एक्ट्रेस शिल्पा शेट्टी ने अपने सोशल मीडिया पर एक वीडियो शेयर किया है, जिसमें वह फैंस से एक मां की मदद करने की अपील करती नजर आ रही हैं, जिसका बेटा स्पाइनल मस्कुलर एट्रोफी (SMA) नाम की दुर्लभ बीमारी से जूझ रहा है। इस बच्चे का नाम यूवान है।

शिल्पा ने की मदद की अपील
शिल्पा शेट्टी ने युवान की मदद की अपील करते हुए एक वीडियो सोशल मीडिया पर शेयर किया है। इसमें शिल्पा अपने फैंस से रिक्वेस्ट करती नजर आ रही हैं कि युवान की मां रूपाली रामतेक्कर को पैसों की सख्त जरूरत है। उसकी मदद क्राउड फंडिंग प्लेटफॉर्म इम्पैक्ट गुरू के माध्यम से की जा सकती है। वीडियो में एक्ट्रेस ने कहा,' छोटा युवान स्पाइनल मस्कुलर एट्रोफी नाम की घातक बीमारी के टाइप-1 से पीड़ित है। इसकी मसल्स इतनी तेजी से सिकुड़ रही हैं कि ये न तो बैठ सकता है, न चल सकता है, अपने सिर को स्थिर नहीं रख सकता है और यहां तक कि कुछ निगल भी नहीं सकता है। जिससे पहले कि युवान का स्वास्थ्य और बुरी तरह से बिगड़ जाए, उसे जोलजेनस्मा नाम की जीन थैरेपी की मेडिसिन की जरूरत है, जिसकी कीमत भारतीय रुपए में करीब 16 करोड़ रुपए है। इस समय उसके लिए हर प्रकार का दान महत्व रखता है। विश्वास बनाए रखें और युवान को नया जीवन देने के लिए मदद करें।' इस वीडियो में युवान और उसकी मां की झलकियां भी दिखाई गई हैं। शिल्पा भी मदद की अपील करते हुए भावुक होती नजर आईं।

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क्या है स्पाइनल मस्कुलर एट्रोफी
स्‍पाइनल मस्‍कुलर एट्रोफी एक न्यूरो मस्‍कुलर डिसऑर्डर है। इस बीमारी में ब्रेन की नर्व सेल्स और स्पाइनल कॉर्ड डैमेज होने लगता है। इससे मरीज को चलने-फिरने में असमर्थता होने लगती है। उसका अपनी मांसपेशियों से नियंत्रण कम होता चला जाता है।

करोड़ों की कीमत है इंजेक्शन की
स्‍पाइनल मस्‍कुलर एट्रोफी के इलाज के लिए जोलजेनस्मा नाम का इंजेक्शन लगाया जाता है। इसकी निर्माता कंपनी का कहना है कि यह एक जीन थैरेपी इलाज है। चूंकि यह बीमारी जीन से संबंधित है, इसलिए जोलजेनस्मा खराब जीन को पुराने जीन से बदल देने में सक्षम होता है। यह इंजेक्शन करोड़ों रुपए में आता है। इसीलिए आम लोगों को इस बीमारी के इलाज के लिए आर्थिक मदद की जरूरत पड़ती है।

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गौरतलब है कि फरवरी, 2021 में भी एक ऐसा ही मामला सामने आया था। इसमें देश के लोगों ने बढ़चढ़कर आर्थिक मदद की थी। महाराष्ट्र के पूर्व सीएम देवेंद्र फडणवीस ने मोदी सरकार से इस इंजेक्शन पर लगने वाली इम्पोर्ट ड्यूटी और जीएसटी को माफ करने की अपील की थी। सरकार ने उनकी अपील पर इम्पोर्ट ड्यूटी और जीएसटी माफ कर दी थी।