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सोशल मीडिया,न्यूज चैनल सनसनी फैलाने के लिए नकारात्काता फैलाने से नहीं चूकते: तापसी पन्नू

टकराव तब शुरू होता है जब हम अखबारों में पढ़ते हैं कि घृणा भी बढ़ रही है

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Mahendra Yadav

Jul 29, 2018

taapsee pannu

taapsee pannu

अभिनेत्री तापसी पन्नू ने कहा कि वह अन्य माध्यमों के बजाय सिनेमा के जरिए सामाजिक मुद्दों पर अपने विचार व्यक्त करना पसंद करती हैं। उनकी आगामी फिल्म 'मुल्क' भारत में अल्पसंख्यक समुदाय के बारे में बात करती है कि कैसे उन्हें अपने धर्म के कारण अन्याय झेलना पड़ता है। यह पूछे जाने पर कि क्या वह इस फिल्म के विचार से सहमत हैं, तापसी ने कहा, 'मेरे स्कूल के दिनों से मैंने पढ़ा है कि भारत एक धर्मनिरपेक्ष, लोकतांत्रिक गणतंत्र है जहां हम हर धर्म के लोगों को एकसमान समझते हैं। हम अपने आसपास की जिंदगी ऐसे ही जीते भी हैं।'

इन मुद्दों पर बात होनी चाहिए:

तापसी ने कहा, 'टकराव तब शुरू होता है जब हम अखबारों में पढ़ते हैं कि घृणा भी बढ़ रही है, कुछ लोगों के समूह में इसे देखते हैं...निश्चित ही इन मुद्दों पर बात होनी चाहिए और एक अभिनेत्री के रूप में मैं यही कर सकती हूं कि सिनेमा का उपयोग अपने विचार को व्यक्त करने के लिए करूं।'

विचारों को दर्शाने का सबसे अच्छा माध्यम सिनेमा:
उन्होंने कहा, 'मैं एक अभिनेत्री हूं ना कि समाजिक कार्यकर्ता, इसलिए सिनेमा मेरे विचारों को दर्शाने का सबसे अच्छा माध्यम है। मैं ऐसे ही किसी मुद्दे के बारे में बात नहीं कर सकती, इसलिए मैं अधिक लोगों तक पहुंचने के लिए अभिनय का उपयोग करना पसंद करूंगी।'

अन्य धर्मों के लोगों से मिलने के लिए स्वतंत्र हूं:
तापसी का जन्म एक सिख परिवार में हुआ था। वह सांप्रदायिक सद्भावना के माहौल में पलीं-बढ़ीं। उन्होंने कहा,'मुझे सिखाया गया कि गुरुद्वारे में कैसे प्रार्थना की जाती है, सिख धर्म के गुरु कौन हैं और अन्य वे सभी बातें जो एक सिख लड़की को जाननी चाहिए।' तापसी ने कहा, 'लेकिन, मुझे यह भी बताया गया कि एक इंसान के रूप में, मैं अन्य त्योहारों का जश्न मनाने और अन्य धर्मों के लोगों से मिलने के लिए स्वतंत्र हूं। इसलिए, क्रिसमस, होली या ईद का जश्न मनाने के लिए मुझे किसी मानसिक संघर्ष से नहीं गुजरना पड़ा।'

सोशल मीडिया नकारात्मकता फैलाने से नहीं चूकते:
तापसी मानती हैं कि मौजूदा हालात में सोशल मीडिया और न्यूज चैनल सनसनी फैलाना चाहते हैं जिसके कारण वे नकारात्मकता फैलाने से भी नहीं चूकते। एक उदाहरण देते हुए उन्होंने कहा,'जब मराठा क्रांति मोर्चा शुरू हुआ तब दिल्ली से मेरे पिता जी ने मेरा हाल जानने के लिए लगातार फोन किया। वह टीवी देखकर घबरा गए क्योंकि उन्हें लगा कि पूरी मुंबई में हिंसक विरोध हुआ है। मैंने उन्हें यह समझाने के लिए बहुत मेहनत की कि मैं शहर के शांत इलाके में हूं और ठीक हूं।'

ऐसी चीजें हम सभी के साथ होती हैं:
उन्होंने कहा, 'अगर हम लगातार कुछ नकारात्मक देखते हैं तो ऐसी चीजें हम सभी के साथ होती हैं। मुझे लगता है कि जब टीवी चैनलों के बीच रेटिंग प्रतियोगिता दूर हो जाएगी तब बड़े पैमाने पर दर्शकों को हमारे समाज पर एक संतुलित दृष्टिकोण देखने को मिलेगा, तब मुझे लगता है कि कई गलतफहमियां दूर होंगी।' फिल्म 'मुल्क' में तापसी ने एक वकील का किरदार निभाया है। फिल्म तीन अगस्त को रिलीज होगी।