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सैनिटरी नैपकिन यूज को लेकर दीया मिर्जा ने दिया चौंकाने वाला बयान

सैनिटरी नैपकिन यूज को लेकर दीया मिर्जा ने दिया चौंकाने वाला बयान...

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Dilip Chaturvedi

Dec 07, 2017

dia mirza

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एक वक्त था, जब कुछ चीजों को लेकर सार्वजनिक बातें नहीं की जाती थीं। उनमें से एक सैनिटरी नैपकिन भी है, जिस पर बात करना तो दूर शॉप पर इसे खरीदने में भी लोग झिझक महसूस करते हैं। हालांकि, शर्मोंहया अब भी बरकरार है, लेकिन अब लोग इस पर खुलकर बातें भी करने लगे हैं। सेलेब्स इस पर रायशुमारी रखते हैं। धड़ाधड़ विज्ञापन आते हैं... सैनिटरी नैपकिन पर पैडमैन नाम से फिल्म भी बन रही है। ऐसे में सैनिटरी नैपकिन को लेकर दीया मिर्जा ने जो कहा, उस पर आश्चार्यजनक जैसी कोई बात नहीं होनी चाहिए, लेकिन इसमें कोई दोराय भी नहीं कि दीया का बयान चौंकाने वाला है।

हम आपको बता दें कि दीया मिर्जा भारत की ओर से हाल ही सयुंक्त राष्ट्र पर्यावरण सदभावना दूत बनाई गई हैं, ऐसे में उनका कर्तव्य बनता है कि पर्यावरण को लेकर वो अपनी अनुभव साझा करें और लोगों को सचेत करें कि किस चीज से पर्यावरण को नुकसान पहुंच सकता है। इस कड़ी में दीया ने सबसे पहले उन चीजों के बारे में बताया, जिनका इस्तेमाल करना उन्होंने इसलिए बंद कर दिया है, क्योंकि इसे पर्यावरण का नुकसान होता है। बकौल दीया मिर्जा, उेसी चीजों में सैनिटरी नैपकिन अहम है, क्योंकि इससे पर्यावरण में तेजी से प्रदूषण फैलता है। यही वजह है कि दीया ने सैनिटरी नैपकिन का इस्तेमाल करना बंद कर दिया है।

दीया ने चौंकाने वाला खुलासा करते हुए बताया कि देश में स्त्रियों की स्वास्थ सुरक्षा के जो सैनिटरी नैपकीन और डाइपर बहुत बड़ पैमाने में उपलब्ध करवाए जा रहे हैं, उससे बहुत बड़े पैमाने पर पर्यावरण और वातावरण प्रदूषित हो रहा है। यही वो खास वजह है कि जिसके चलते दीया अपने मासिक धर्म के दिनों में सैनिटरी नैपकिन का इस्तेमाल करना बंद कर चुकी हूं।

दीया ने कहा कि एक एक्टर होने के नाते उनका यह कहना बहुत बड़ी बात है, क्योंकि हम सेलेब्स में से बहुत तो इसका प्रचार-प्रसार भी करते हैं। उन्होंने बताया कि उनके पास जब भी कभी सैनिटरी नैपकिन के प्रचार के लिए कोई ऑफर आया, तो उसे करने से उन्होंने साफ इंकार कर दिया।

बकौल दीया, अब वो सैनिटरी नैपकिन की जगह 100 प्रतिशत प्राकृतिक रूप से नष्ट होने वाले बायोडिग्रेडबल नैपकिन का इस्तेमाल करती हैं।उनका मानना है कि हमारे देश में सदियों से महिलाएं मासिक धर्म के दिनों में कॉटन का उपयोग करती थीं, लेकिन अब नई तकनीक की वजह से ऐसी चीजें आ गई हैं, जो पर्यावरण को सीधे-सीधे नुकसान पहुंचा रही हैं। ऐसे में दीया अपील करती हैं कि देश की स्त्रियां पर्यावरण,वातावरण और अच्छे सेहद के लिए सुरक्षित बायोडिग्रेडबल नैपकिन का इस्तेमाल करना शुरू करें। दीया की ये बात कितनों के समझ में आएगी, यह कहना थोड़ा मुश्किल है, लेकिन इतना जरूर है कि दीया के इस अपील से उन कंपनियों की भौंहे जरूर टेढ़ी होंगी, जो सैनिटरी नैपकिन और डाइपर बनाती हैं। दीया के इस बयान को ये कंपनियां किस रूप में लेती हैं, यह भी देखने वाली बात होगी।