
vinod khanna
हिंदी सिनेमा के दिग्गज कलाकारों में शुमार विनोद खन्ना की आज यानी 6 अक्टूबर को 72वीं बर्थ एनिवर्सरी है। उनका जन्म पाकिस्तान के पेशावर में हुआ था। विनोद ने फिल्म इंडस्ट्री में बड़ी मुश्किल से कदम रखा था। उनके पिता का टेक्सटाइल का बिजनेस था और वह चाहते थे कि विनोद भी इसी फील्ड में काम करें। लेकिन उन्होंने तो कॉलेज में के दौरान से ही एक्टिंग में कॅरियर बनाने की ठान ली थी। जब ये बात पिता को पता चली तो वे बहुत ज्यादा नाराज हुए और धमकी दी यदि वो एक्टिंग की फील्ड में उतरे तो गोली मार देंगे। हालांकि, बाद में पिता को मनाने में कामयाब रहे विनोद ने फिल्म इंडस्ट्री में खूब नाम कमाया।
कॉलेज में ही हुआ था लव
भारत-पाकिस्तान के बंटवारे के बाद विनोद की फैमिली मुंबई आ गई थी। कॉलेज लाइफ में उन्होंने थिएटर में काम करना शुरू कर दिया था। यहीं उनकी पहली पत्नी गीतांजलि से मुलाकात हुई। कॉलेज से ही उनकी लव-स्टोरी शुरू हो गई थी। दोनों साल 1971 में शादी के बंधन में बंध गए थे। लेकिन इनका ये रिश्ता कुछ ज्यादा समय तक नहीं चल पाया था। साल 1985 में दोनों का तलाक हो गया था।
इसलिए हुआ था तलाक
सक्सेस मिलने के बाद वर्ष1982 में विनोद खन्ना ने अचानक अपने परिवार को छोड़कर आध्यात्मिक गुरु रजनीश (ओशो) की शरण में जाने का फैसला किया। रिपोर्ट्स की मानें तो इंडस्ट्री में सब नकली लगने लगा था। उन्हें लगने लगा था कि ये सब सिर्फ माया है। एक समय था जब पत्नी गीतांजलि और दोनों बेटों राहुल और अक्षय को वह वक्त देने के लिए संडे को काम नहीं करते थे। लेकिन ओशो से प्रभावित होकर उन्होंने अपनी फैमिली तक को छोड़ दिया था। ओशो के आश्रम जाने का फैसला उन्होंने स्वयं लिया था और पत्नी से इस बारे में कोई राय तक नहीं ली थी।
पांच साल तक ओशो आश्रम में रहने के बाद जब विनोद वापस घर लौटे तो पत्नी गीतांजलि ने उन्हें स्वीकार नहीं किया और तलाक दे दिया। पत्नी से अलग होने के बाद साल 1987 में विनोद ने फिल्म 'इंसाफ' से बॉलीवुड में दोबारा एंट्री की। विनोद ने अपनी दूसरी पत्नी कविता से 1990 में शादी की। दोनों के एक बेटा और एक बेटी है। इसके बाद 2017 में विनोद खन्ना की कैंसर की वजह से मौत हो गई।
Published on:
06 Oct 2018 01:18 pm
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