जब नरेंद्र चंचल ने काली माता का भजन गाने से कर दिया था इंकार, अगले दिन आवाज हो गई बंद, इसके बाद...

By: Sunita Adhikari
| Published: 22 Jan 2021, 09:07 PM IST
जब नरेंद्र चंचल ने काली माता का भजन गाने से कर दिया था इंकार, अगले दिन आवाज हो गई बंद, इसके बाद...
Narendra Chanchal

  • नरेंद्र चंचल ने काली माता की भेंट गाने के नाम पर बनाया था बहाना
  • अगले दिन शो में जाने से पहले ही आवाज हो गई थी बंद

नई दिल्ली: मशहूर भजन गायक नरेंद्र चंचल (Narendra Chanchal) का शुक्रवार को निधन हो गया। 80 साल की उम्र में उन्होंने दिल्ली के अस्पताल में अंतिम सांस ली। तीन महीने से वह बीमार चल रहे थे। नरेंद्र चंचल को देवी जागरणों के लिए जाना जाता था। साथ ही, उन्होंने कई सुपरहिट भजन भी दिए हैं। जैसे- चलो बुलावा आया है और तूने मुझे बुलाया शेरांवालिए।

नरेंद्र चंचल जागरणों में जब भजन गाते थे तो उनकी आवाज से हर कोई मंत्रमुग्ध हो जाते थे। लेकिन एक बार उन्होंने काली माता की भेंट गाने के नाम पर तबियत खराब होने का बहाना बना दिया था। जिसके अगले ही दिन उनकी आवाज चली गई थी। दरअसल, खुद नरेंद्र चंचल ने एक इंटरव्यू में इस किस्से के बारे में बताया था।

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उन्होंने बताया था कि बॉबी फिल्म में गाना गाने के बाद उनके दिमाग में यह बात बैठ गई थी कि वो अब फिल्मों के सिंगर बन गए हैं। ऐसे में उन्होंने जागरण वालों को न कहना शुरू कर दिया था। उन्होंने कहा, 'एक स्टेज शो के लिए मुझे आगरा जाना था, वो किसी फिल्मी गाने पर आधारित था। वहां जाने से पहले मैंने काली माता के मंदिर में माथा टेका। इस दौरान वहां मौजूद किसी शख्स ने मुझे भेंट सुनाने के लिए कहा। इस पर मैंने तबियत खराब होने का बहाना बना दिया। उसके बाद उसी रात को मुझे मेरे गुरु जैसे एक काली माता के भक्त का मैसेज आया था। उन्होंने मुझे मिलने के लिए बुलाया था। लेकिन मैंने फिर तबियत खराब होने के बहाना बना दिया।'

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'ऐसे में दूसरे दिन आगरा जाने से पहले ही मेरी आवाज बिल्कुल बंद हो गई थी। मैं समझ गया था कि मुझे सजा मिली है। क्योंकि जिस मंदिर ने मुझे इतना कुछ दिया था। उसी मंदिर में गाने से मैंने तबियत खराब होने का बहाना बना दिया।' इसके बाद नरेंद्र चंचल ने बताया कि इसके महीने बाद उन्हें शहर में ही भजन गाने का मौका मिली। जिसके बाद उन्होंने कभी भी भजन गाने से इंकार नहीं किया। उन्होंने बताया कि उनके सिर से फिल्मी सिंगर होने का भूत उतर चुका था। इसके बाद उन्होंने जागरण में भजन गाने को अपनी प्राथमिकता बना दिया।