बॉलीवुड अभिनेता परेश रावल के बेटे आदित्य ने फिल्म 'बमफाड' से बॉलीवुड डेब्यू किया है। एक इंटरव्यू में जब परेश से बेटे को खुद लॉन्च करने के बारे में पूछा गया तो उन्होंने बताया कि उनके पास उतना पैसा नहीं था। एक्टर ने कहा कि लॉन्च के लिए बहुत बड़ी मशीनरी चाहिए होती है।
मुंबई। बॉलीवुड के मशहूर अभिनेता परेश रावल ने कई फिल्मों में अपने अभिनय से दर्शकों का दिल जीता है। एक्टर ने नेगेटिव से लेकर कॉमेडी रोल्स में अपनी छाप छोड़ी है। उनके बेटे आदित्य रावल भी बॉलीवुड में डेब्यू कर चुके हैं। हाल ही में एक इंटरव्यू में परेश रावल ने बताया कि क्यों वे अपने बेटे को खुद लॉन्च नहीं कर पाए।
'मेरे पास उतना पैसा नहीं था'
परेश रावल ने इंडियन एक्सप्रेस को दिए एक इंटरव्यू में कहा है कि वे अपने बेटे को खुद लॉन्च नहीं कर पाए थे। क्योंकि एक्टर के पास इतने पैसे नहीं थे। परेश ने बातचीत में कहा,'मैंने अपने बेटे को इसलिए लॉन्च नहीं किया क्योंकि मेरे पास उतना पैसा नहीं था। बेटे को लॉन्च करने के लिए बहुत बड़ी मशीनरी चाहिए होती है। उसके काम से उसे बिना किसी के रिकमंडेशन के काम मिल रहा है। क्या यह अच्छा नहीं है? उसके खुद के प्रयास से उसे नोटिस किया गया। 'बमफाड' में लोगों ने उनका काम पसंद किया। अब वह हंसल मेहता के साथ काम कर रहे हैं। उसे अपने दम पर काम मिल रहा है। उसे अपने पिता की रिकमंडेशन कमी जरूरत नहीं है।'
एक्टर बनने से पहले लेखक थे आदित्य
जब परेश रावल से पूछा गया कि बेटे आदित्य के बॉलीवुड डेब्यू से पहले उन्होंने किस तरह की सीख और निर्देश दिए। परेश ने कहा,'मैं जानता हूं कि वह काम के प्रति कितना अनुशासित, समर्पित और फोक्सड है, इसलिए मैंने उसे किसी तरह का पाठ नहीं पढ़ाया। साथ ही मेरा यह भी सोचना है कि इस जनरेशन को गाइड करने की जरूरत नहीं है। हमें उन्हें उनके तरीकों पर छोड़ देना चाहिए। ये जनरेशन स्मार्ट और ईमानदार है। जब कभी वे कहें तो उन्हें केवल दिशा बतानी है। उन्हें आपके सपोर्ट की जरूरत है। एक्टर बनने से पहले मेरा बेटा एक लेखक था।' आदित्य ने आशुतोष गोवारिकर की फिल्म 'पानीपत' का सह-लेखन किया था। ये मूवी 2019 में रिलीज हुई थी। परेश ने आगे कहा,'वह स्क्रिप्ट राइटिंग और प्ले राइटिंग के लिए न्यूयॉर्क यूनिवर्सिटी गए थे। एक्टिंग के लिए उन्होंने लंदन में 6—8 महीने लंदन इंटरनेशनल स्कूल आफ परर्फोमिंग आर्ट्स से ट्रेनिंग ली।'
परेश रावल ने बताया कि फिल्म 'बमफाड' के प्रमोशन के दौरान उनके बेटे को किसी स्टारकिड की तरह ट्रीट नहीं किया गया। बिना पिता के नाम के भी उनके काम को देखा गया और लोगों ने उनके काम की प्रशंसा की।