
Nikay Chunav
बदायूं। जिले में नगर पालिका अध्यक्ष पद के प्रत्याशियों के नाम सामने आने के बाद चुनावी सरगर्मी काफी बढ़ गई है। पिछली बार की तरह इस बार भी भाजपा और सपा ने अपने पुराने प्रत्याशियों पर दांव खेला है। समाजवादी पार्टी ने अध्यक्ष पद के लिए फात्मा रजा को उतारा है तो भारतीय जनता पार्टी ने एक बार फिर से दीपमाला गोयल पर ही दांव आजमाया है। आपको बता दें कि वर्ष 2015 में दीपमाला गोयल को फात्मा रजा ने हरा दिया था, तब प्रदेश में सपा की सरकार थी, लेकिन इस बार हालात इसके उलट हैं, इसलिए बदायूं शहर में फात्मा रजा और दीपमाला की टक्कर को काफी दिलचस्प माना जा रहा है।
2012 में भाजपा से हारीं, 2015 में हराया
साल 2012 में हुए निकाय चुनाव के दौरान फात्मा रजा सपा के टिकट से प्रत्याशी थीं, उस समय उनका मुकाबला भाजपा के प्रत्याशी ओमप्रकाश मथुरिया के साथ हुआ था। ओमप्रकाश मथुरिया ने फात्मा को चुनाव में हरा दिया था। इसके बाद वर्ष 2015 में मध्यावधि चुनाव हुए। इन चुनावों में फात्मा का सामना भाजपा की प्रत्याशी दीपमाला गोयल के साथ हुआ। लेकिन उस समय फात्मा रजा के पति आबिद रजा शहर के विधायक थे और उनका खासा वर्चस्व था। इसका फायदा फात्मा को मिला और उन्होंने दीपमाला को हराते हुए अपनी जीत दर्ज कराई थी।
इस बार बदले हुए हालात
आगामी निकाय चुनावों में हालात अब पिछले वर्षों के उलट हैं। प्रदेश में सत्ता परिवर्तन के दौरान फात्मा रजा के पति आबिद रजा भी चुनाव हार गए। मौजूदा समय में भाजपा के महेश चंद्र गुप्ता बदायूं शहर से विधायक हैं। विधानसभा चुनाव में भारी बहुमत से जीत हासिल करने के बाद भाजपा निकाय चुनावों को 2019 के लोकसभा चुनावों का सेमीफाइनल मान रही है। ऐसे में सीट जीतने के लिए वो अपनी पूरी ताकत झोंक देगी। वहीं सपा भी अधिक से अधिक सीटें बचाकर अपना शक्ति प्रदर्शन करना चाहेगी। ऐसे में दोनों प्रत्याशियों के बीच कांटे की टक्कर मानते हुए लोग इस चुनाव को काफी दिलचस्प बता रहे हैं।
Updated on:
07 Nov 2017 02:31 pm
Published on:
07 Nov 2017 11:45 am
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