
हादसा करीब दोपहर 2 बजे हुआ, जब अलखराम का परिवार खेत से लौटकर घर पहुंचा। घर की महिलाएं रसोई में खाना बना रही थीं, तभी सिलेंडर लीकेज होने के कारण अचानक आग भड़क उठी। आग इतनी तेजी से फैली कि घर के लोग कुछ समझ पाते, उससे पहले ही झोपड़ी पूरी तरह आग की चपेट में आ गई। तेज धमाके के साथ गैस सिलेंडर फट गया, जिससे आग और विकराल हो गई।
परिवार के बड़े सदस्य और महिलाएं किसी तरह जान बचाकर बाहर निकल आए, लेकिन अलखराम का छह वर्षीय नाती सुमित और उसका फुफेरा भाई दीपक आग में फंस गए। ग्रामीणों ने मिलकर आग बुझाने की भरसक कोशिश की, लेकिन जब तक लपटों पर काबू पाया गया, तब तक दोनों बच्चे जिंदा जल चुके थे। इस हादसे में एक मवेशी की भी जान चली गई।
सूचना मिलते ही थाना पुलिस मौके पर पहुंची और दोनों बच्चों के शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। अलखराम ने बताया कि उनके तीन बेटे हैं, जिनमें से दो दिल्ली में काम करते हैं और एक बेटा गांव में रहकर खेती करता है। करीब आठ दिन पहले उनकी बेटी ममता अपने बेटे दीपक के साथ मायके आई थी, लेकिन इस दर्दनाक घटना ने पूरे परिवार को गहरे सदमे में डाल दिया है। गांव में मातम पसरा हुआ है और परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।
Published on:
03 Apr 2025 05:11 pm
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