
kartik maas
कार्तिक मास 24 अक्टूबर से 23 नवम्बर तक है। मतलब Kartik Maas आज से शुरू हो गया है। धार्मिक लोगों के लिए कार्तिक मास की बड़ी महत्ता है। पद्म पुराण और स्कन्द पुराण में कार्तिक मास की महिमा है। दोनों पुराणों में कार्तिक मास के 13 नियम बताए गए हैं। इनका पालन करने वाला निश्चित रूप से लौकिक संसार में ऐश्वर्य प्राप्त करके मृत्योपरांत श्रीहरि यानि भगवान विष्णु के चरणों में स्थान प्राप्त करता है।
कार्तिक मास (Kartik Mass) पूजा के नियम
1.सुबह जल्दी उठकर स्नान अदि नित्यकर्म करके मंगला आरती (प्रातः 4:15 बजे) से अपना दिन शुरू करें।
2.ब्रह्म मुहूर्त सुबह 5 से 7 बजे तक अधिकतम माला का जाप करें।
3.प्रतिदिन हरे कृष्णा महामंत्र की कम से कम 16 माला का जाप करें। एकादशी के दिन ज्यादा से ज्यादा माला का जाप करें।
4.प्रतिदिन तुलसी पूजा करें, जल चढ़ाएं और परिक्रमा करें।
5.चाय, कॉफी, प्याज ,लहसुन आदि का सेवन न करें।
6.केवल कृष्ण प्रसाद ही ग्रहण करें।
7.विशेषत: दामोदर लीला एव गोवर्धन लीला गजेंद्र मोक्ष कथा पढ़ें (भागवतम स्कन्द )।
8.भगवान दामोदर की तस्वीर अपने घर में अवश्ये रखें।
9.दमोदराषटकम का प्रतिदिन पाठ करें।
10.भगवान दामोदर को प्रतिदिन दीपदान करें।
11.कार्तिक मास में उड़द दाल का निषेध करें।
12. पूरा महीना ब्रह्मचर्य व्रत का पालन करें।
13. शुद्ध भक्तों को दान दें।
प्रस्तुतिः डॉ. राधाकृष्ण दीक्षित, सोरों
Updated on:
24 Oct 2018 01:09 pm
Published on:
24 Oct 2018 06:56 am
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