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सनकी समाजसेवी से परेशान कवयित्री, शरीर पर नाम लिख कर फोटो किए वायरल

कवयित्री का आरोप है कि संयोजक लगातर अश्लील तस्वीरें भेजता था, मना करने पर उसने अपने शरीर पर कई जगह उसका नाम लिख लिया और ये तस्वीर भी उसे सेंड की।

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सनकी समाजसेवी से परेशान कवयित्री, शरीर पर नाम लिख कर फोटो किए वायरल

बदायूं। गौरव महोत्सव पहले से ही विवादों में है। इसके आयोजक पर कानपुर देहात के बाद अब उन्नाव की कवयित्री ने मुकदमा दर्ज करा दिया है। कवयित्री ने आरोप लगते हुए उन्नाव कोतवाल को तहरीर दी है।कवयित्री का आरोप है कि संयोजक लगातर अश्लील तस्वीरें भेजता था, मना करने पर उसने अपने शरीर पर कई जगह उसका नाम लिख लिया और ये तस्वीर भी उसे सेंड की। शोशल साइट्स पर मैसेज भी भेजे।उसकी बिना अनुमति के बदायूं गौरव महोत्सव पर नाम डलवा दिया। मुक़दमे में आरोप लगते हुए यह भी कहा है उसको राजनीतिक संरक्षण हासिल है इसलिए उसके खिलाफ कार्रवाई नहीं हो पा रही है। जहां एक ओर बेटी बचाओ और बेटी पढ़ाओ का नारा लगता हो, वहां पर संरक्षण देने वाले नेता अब झुठलाते दिख रहे हैं।

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पहले कानपुर देहात में हुआ था कवि सम्मेलन

वहीं कानपुर देहात की कवयित्री भी आरोप लगा चुकी है कि अमन मयंक शर्मा शादी का दबाव बनाता रहा और जब वो तैयार नहीं हुई तो उसे वो ब्लैकमेल करने लगा। उसने कवयित्री को कई सोशल साइट्स पर जोड़ लिया। उसकी बिना अनुमति के महोत्सव में फोटो लगा लिया। कवयित्री ने कानपुर देहात के मंगलपुर में आयोजक अमन मयंक के खिलाफ मामला दर्ज करा दिया है। इस कार्यक्रम के शुभारम्भ करने के बाद राज्यपाल राम नाईक को विवादित आयोजनकर्ता पर अपनी सफाई देनी पड़ी।

बदनामी के चलते महिला कवि सम्मलेन नहीं हुआ

बदायूं गौरव महोत्सव शरू होने से पहले ही विवादों का अखाड़ा बन गया। कानपुर देहात की कवयित्री द्वारा मुकदमा दर्ज कराने के बाद बदनामी के चलते महिला कवि सम्मलेन नहीं हो सका। यहां पर अखिल भारतीय महिला कवि सम्मलेन का आयोजन होना था। हालांकि मामला शासन तक पंहुचा तो प्रशासन ने मुख्य आयोजनकर्ता को ही महोत्सव से दूर कर दिया। इसी आयोजनकर्ता की वजह से शहर के सभ्रांत नागरिकों ने कार्यक्रम से दूरी बना ली। भाजपाइयों को शर्मिंदगी झेलनी पड़ी।