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साहब! मेरा पति जल रहा है बचा लो… पत्नी की चीखों के बीच धड़ से अलग होकर नीचे गिरा युवक का सिर

बदायूं में बिजली के खंभे पर चढ़ा युवक चंद मिनटों में धूं-धू कर जिंदा जल गया। युवक का सिर धड़ से अलग होकर नीचे गिर गया और धड़ घंटों तारों के बीच झूलता रहा।

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अरविंद की यह फोटो उनकी मूल तस्वीर से AI की मदद से बनाई गई है।

कोई तो मेरे पति को बचा लो, वो मर जाएंगे… बिजली बंद करवा दो! बदायूं के धीमरपुर गांव में जब अनीता की ये चीखें गूंजीं तो सुनने वालों का कलेजा मुंह को आ गया। हाईटेंशन लाइन के तारों के बीच अनीता का सुहाग अरविंद धू-धूकर जल रहा था और नीचे खड़ी पत्नी और बूढ़ी मां बेबसी में हाथ-पैर पटक रही थीं। अभी लोग बिजली विभाग को फोन लगाने की कोशिश कर ही रहे थे कि अचानक आग की लपटों के बीच एक जोरदार आवाज हुई और अरविंद का सिर धड़ से अलग होकर सीधे जमीन पर आ गिरा। पीछे तारों में सिर्फ जलता हुआ धड़ फंसा रह गया। यह खौफनाक मंजर देखते ही चीख मारती अनीता वहीं बेहोश होकर गिर पड़ी।

आइए जानते हैं पूरा मामला

धीमरपुरा गांव के 30 वर्षीय अरविंद खेती करने के साथ-साथ बिजली से जुड़े काम भी करते थे। अरविंद की शादी करीब आठ साल पहले अनीता से हुई थी। उनके दो बच्चे हैं। 7 वर्षीय शिल्पी और 5 वर्षीय आशीष। परिवार के पास करीब 8 बीघा जमीन है, जिस पर वह अपने भाई के साथ मिलकर खेती करते थे। परिजनों के अनुसार, अरविंद निजी ट्यूबवेलों की लाइन शिफ्टिंग का काम भी करते थे। बिजली का अच्छा अनुभव होने की वजह से गांव के लोग अक्सर उन्हें ऐसे कामों के लिए बुला लेते थे।

मदद को पुकारता रहा अरविंद और धू-धूकर जल गया शरीर

परिजनों के मुताबिक, शुक्रवार सुबह करीब 11 बजे गांव का लाइनमैन यशवीर अरविंद को अपने साथ ले गया। आरोप है कि लाइनमैन ने शटडाउन लेने की बात कहकर अरविंद को हाईटेंशन लाइन के पोल पर चढ़ा दिया। अरविंद खंभे पर चढ़कर फॉल्ट चेक कर रहा था, तभी अचानक तारों में करंट आ गया। करंट का झटका इतना जबरदस्त था कि अरविंद संभल नहीं पाया और सीधे तारों पर जाकर गिरा। देखते ही देखते वह आग के गोले में तब्दील हो गया।


चीखने-चिल्‍लने की आवज सुनकर मौके पर भीड़ जमा हो गई। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि लोग पागलों की तरह बिजली विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों को फोन मिलाते रहे कि सप्लाई बंद कर दी जाए लेकिन घंटों तक कोई सुनवाई नहीं हुई। इस बीच अरविंद का शरीर पूरी तरह जल गया। आग इतनी भीषण थी कि जलते-जलते उसका सिर धड़ से अलग होकर जमीन पर आ गिरा जबकि धड़ तारों में फंसा रहा।

मां और पत्नी बेसुध होकर गिरीं

घटना की खबर मिलते ही अरविंद की मां राजो और पत्नी अनीता बदहवास होकर मौके पर पहुंचीं। अपनी आंखों के सामने अपने लाल और सुहाग को जलता देख दोनों दहाड़ें मारकर रोने लगीं। वे लोगों के हाथ-पैर जोड़ती रहीं कि किसी तरह अरविंद को बचा लो, लेकिन लोग बेबस होकर देखते रहे। जैसे ही अरविंद का सिर कटकर नीचे गिरा दोनों महिलाएं मौके पर ही बेहोश हो गईं। करीब चार घंटे की मशक्कत के बाद युवक का धड़ नीचे उतारा जा सका।