
बुलंदशहर। उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) के बुलंदशहर (Bulandshahr) में बुधवार को शाम 4 बजे घर के बाहर खेल रहा एक मासूम कूड़े से पटी काली नदी में गिर गया। कचरे में दलदल में फंसे मासूम का गुरुवार सुबह तक कुछ पता नहीं चल पाया था। नदी में कूड़ा ज्यादा होने के कारण बच्चे का पता नहीं लग पा रहा है। नगर पालिका, कोतवाली पुलिस और फायर ब्रिगेड (Fire Brigade) की टीम मौके पर मौजूद हैं। बच्चे को बचाने के लिए करीब 20 घंटे से रेस्क्यू ऑपरेशन (Resque Operation) चल रहा है।
माता और पिता की हो चुकी है मौत
जानकारी के अनुसार, शोएब के पिता उम्रदराज और उसकी मां की करीब डेढ़ साल पहले मौत हो गई थी। उनकी मौत एक हादसे में हुई थी। इसके बाद से शोएब अपने नाना-नानी के साथ रह रहा है। वह शहर कोतवाली क्षेत्र के धमेड़ा अड्डा में रहते हैं। बुलंदशहर कोतवाली नगर के भवन मंदिर के पास काली नदी के पास शाम करीब 4 बजे दो मासूम बच्चे खेल रहे थे। एक बच्चे की गेंद काली नदी में चली गई। बच्चा नदी में बॉल ढूंढने गया तो वह उसमें डूब गया। इसके बाद दूसरे बच्चे ने शोर मचाया। इस पर आसपास के लोगों को पता लगा तो वहां भीड़ लग गई। सूचना मिलने के बाद बच्चे के परिजन भी वहां पहुंच गए। शोएब को स्थानीय लोगों ने ढूंढा मगर वह नहीं मिला। फिर पुलिस और फायर ब्रिगेड को सूचना दी गई।
कूड़े के कारण हो रही दिक्कत
काली नदी में कूड़े का ढेर लगा होने के कारण बच्चे को ढूंढने में दिक्कत आ रही है। करीब 20 घंटे बीत जाने के बाद भी मासूम को अभी तक फायर ब्रिगेड और नगरपालिका के कर्मचारी तलाश नहीं कर पाए हैं। शोएब के चाचा शाहनवाज का कहना है कि बच्चे यहां पर खेल रहे थे। गिल्ली या डंडा ख्ला गया था नदी में। उसे निकालने के चक्कर में शोएब का पैर फिसल गया था। 10 साल के बच्चे शोएब के दो छोटी बहनें और एक भाई है। प्रशासन ने बच्चे को तलाशने में काफी मदद की है। जेसीबी की भी सहायता ली जा रही है। नगर पालिका से पोकैलेन मशीन भी आई है। नदी में काफी कूड़ा है। इसकी सफाई नहीं हुई है।
नदी में कीचड़ भी है
चीफ फायर अधिकारी जीपी सिंह का कहना है कि शाम 4.20 पर दमकल विभाग को बच्चे के डूबने की सूचना मिली थी। इसके बाद फायर ब्रिगेड की कए टीम और कोतवाली पुलिस मौके पर पहुंच गई थी। नदी में बहुत ज्यादा दलदल है। दो बच्चे गेंद खेल रहे थे। एक बच्चा बॉल के चक्कर में यहां उतरा और डूब गया। साथी ने शोर मचाया तो आसपास के लोग आ गए। 15-20 गोताखोरों ने बच्चे को काफी तलाशा लेकिन उसका पता नहीं चल सका। नदी में कीचड़ बहुत ज्यादा है। ऊपर करीब ढाई-तीन फीट का कूड़े का ढेर है। जेसीबी की दो-तीन मशीनों का भी सहायता ली गई लेकिन कामयबी नहीं मिली। अब पोर्कैलन मशीन से रेस्क्यू ऑपरेशन किया जा रहा है।
Updated on:
02 Jan 2020 12:21 pm
Published on:
02 Jan 2020 12:19 pm
बड़ी खबरें
View Allबुलंदशहर
उत्तर प्रदेश
ट्रेंडिंग
