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नोएडा की कंपनी की वजह से बुलंदशहर में कोरोना के दो और केस आए

Highlights सीजफायर कंपनी के कर्मी की मां व पत्नी भी हुईं बीमार अब तक बुलंदशहर में तीन केस आ चुके हैं सामने संपर्क में आए 6 लोगों की रिपोर्ट आई निगेटिव  

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बुलंदशहर। कोरोना वायरस को लेकर नोएडा प्रशासन की लापरवाही बुलंदशहर के लोगों पर भारी पड़ती दिख रही है। नोएडा की सीजफायर कंपनी में काम करने वाले बुलंदशहर निवासी युवक के बाद उसके परिवार के दो सदस्यों को भी कोरोना वायरस की पुष्टि हुई है। समय रहते अगर सीजफायर कंपनी के एक—एक कर्मचारी की नोएडा प्रशासन जांच कर लेता तो कम से कम बुलंदशहर को इस महामारी से बचाया जा सकता था। अब बुलंदशहर में कोरोना मरीजों की संख्या तीन पहुंच गई है। कोरोना मरीजों की संख्या में इजाफा होने से जिला प्रशासन में हड़कंप मच गया है।

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सिकंद्राबाद में किए गए क्वारेंटाइन

बता दें गांव वीरखेड़ा के जिस युवक में कोरोना पॉजिटिव पाया गया था, वह नोएडा की सीजफायर कंपनी में काम करता था। इसी कर्मचारी के संपर्क में आने पर उसकी मां और पत्नी भी कोरोना पॉजिटिव पाए गए हैं। 30 मार्च को पीड़ित युवक के परिवार के आठ सदस्यों के सैंपल मेरठ भेजे गए थे। इनमें युवक की मां और पत्नी को कोरोना पॉजिटिव पाया गया, जबकि परिवार के 6 सदस्यों की रिपोर्ट निगेटिव पाई गई। कोरोना पॉजिटिव दोनों महिलाओं को खुर्जा के कोरोना वार्ड में शिफ्ट कर दिया गया है, जबकि बाकी 6 लोगों को सिकन्द्राबाद में क्वारंटाइन किया गया है।