
बुलंदशहर हिंसाः अनशन पर बैठे संत ने फौजी आैर मृतक सुमित के लिए खून से पत्र लिखकर, सीएम योगी से की यह बड़ी मांग
बुलंदशहर।यूपी के बुलंदशहर के स्याना में 3 दिसम्बर को हुई हिंसा के आरोपियों के समर्थन में अखिल भारतीय संत परिषद के राष्ट्रीय संयोजक नरसिंहानंद सरस्वती महाराज आ गये है।उन्होंने मंगलवार को बुलंदशहर में आमरण अनशन के तीसरे दिन अपनी मांगों को लेकर योगी जी के लिये अपने खून से खत लिखा।उन्होंने इस खत में फौजी जीतू को निर्दोष बताने व पुलिस पर उसे फंसाने के आरोप लगाये।
तीन दिन से अनशन पर बैठे है नरसिंहानंद महाराज
बुलंदशहर के काला चौराहे पर आमरण अनशन पर बैठे अखिल भारतीय संत परिषद के राष्ट्रीय संयोजक यति नरसिंहानंद सरस्वती महाराज का दावा है की 3 दिसंबर को स्याना इलाके में कथित गौकशी को लेकर हुई हिंसा में पुलिस निर्दोष लोगों को फंसा रही है। नरसिंहानंद की मांग है कि स्याना हिंसा में मारे गए सुमित के परिजनों को न्याय मिले। जीतू फौजी को उसका सम्मान वापिस दिलाया जाए मामले की न्यायिक जांच हो और जब तक यह मांग पूरी नहीं होंगी। तब तक वो अनशन पर ही बैठे रहेंगे।आज अनशन के तीसरे दिन अपनी मांगों को लेकर स्वामी ने सीएम योगी को अपने खून से खत लिखा है।
पत्र लिखते ही हरकत में आया प्रशासन
वहीं स्वामी जी के खून से खत लिखने के बाद जिला प्रशासन भी हरकत में आ गया है।और आमरण अनशन पर बैठे स्वामी के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है।जिलाधिकारी अनुज कुमार झा ने खुद आमरण अनशन पर बैठे स्वामी का आपराधिक इतिहास बताया।साथ ही स्वामी के अनशन को निजी स्वार्थ में करना बताया।साथ ही मीडिया के माध्यम से लोगों से अपील की ,कि अनशन पर बैठे स्वामी के बहकावे में ना आये।जिलाधिकारी ने यह पत्र सूचना विभाग मीडिया व्हाट्सएप ग्रुप पर पोस्ट किया।
Published on:
18 Dec 2018 07:14 pm
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