
बुलंदशहर। उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) के बुलंदशहर (Bulandshahr) में नागरिकता संशोधन कानून (Citizenship Amendment Act) के विरोध में रोक के बावजूद गुरुवार को सपा (Samajwadi Party) कार्यालय पर कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शन किया। इस दौरान सपाइयों ने अर्द्धनग्न होकर नारेबाजी की। इसके बाद जब सपाई ज्ञापन देने कलेक्ट्रटे जा रहे थे तो पुलिस से उनकी धक्का-मुक्की हुई। इसके बाद पुलिस ने किसी तरह हालात को काबू में कर उनसे ज्ञापन लिया।
कार्यालय से थोड़ी दूरी पर पुलिस ने रोका
नागरिकता संशोधन कानून और एनआरसी (NRC) के विरोध में समाजवादी पार्टी ने गुरुवार को प्रदर्शन का ऐलान किया था। इसको देखते हुए प्रदेश भर में धारा 144 (Section 144) लगा दी गई थी। इसके बावजूद गुरुवार सुबह सपा कार्यकर्ता जिला कार्यालय पर जमा हो गए। प्रदर्शन के बाद सपाई ज्ञापन देने के लिए कलेक्ट्रेट के तरफ चल दिए। कार्यालय से थोड़ी दूर पर ही उनको पुलिस ने रोक लिया। इस दौरान सपाइयों और पुलिस (Police) में धक्का-मुक्की हुई। पुलिस किसी तरह हालात को काबू में किया।
पूर्व विधायक को घर में ही रोका
सूचना मिलने के बाद एडीएम और एसपी सिटी मौके पर पहुंच गए। इसके बाद कुछ सपाइयों ने उनको ज्ञापन सौंप दिया। इस बारे में एडीएम प्रशासन रविंद्र कुमार ने बताया कि सपा कार्यकर्ताओं ने कार्यालय के बाहर शांतिपूर्ण तरीके से ज्ञापन दिया है। यहां पर किसी कार्यकर्ता की कोई गिरफ्तारी नहीं हुई है। ज्ञापन को शासन को भेज दिया जाएगा। वहीं, सुबह प्रदर्शन के लिए बुलंदशहर जा रहे कई सपाइयों को पुलिस ने जहांगीराबाद के चांदोक दोराहे पर रोका गया है। इनमें जहांगीराबाद के पूर्व विधायक होशियार सिंह और सपा के पूर्व जिला उपाध्यक्ष अजित हिमाचल सिंह भी शामिल थे। पुलिस ने पूर्व विधायक के आवास पर पहुंचकर उनको वहां से नहीं जाने दिया।
प्रदर्शनकारियों ने दिया ज्ञापन
सपा के अलावा बुलंदशहर में भारत कम्युनिस्ट पार्टी ने भी सीएए और एनआरसी के खिलाफ प्रदर्शन किया। धारा 144 लगने के बावजूद भारत कम्युनिस्ट पार्टी के कार्यकर्ता सड़क पर उतरे। उन्होंने सिटी मजिस्ट्रेट को ज्ञापन सौंपा।
Updated on:
19 Dec 2019 03:33 pm
Published on:
19 Dec 2019 03:18 pm
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