28 जनवरी 2026,

बुधवार

Patrika LogoSwitch to English
icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

पहलवान सुशील कुमार ने सीएम योगी से की अपील- इस मुस्लिम को बनाएं गौशालाओं का ब्रांड एंबेसडर

बुलंदशहर में गौशाला देखने पहुंचे ओलंपिक में पदक जीतने वाले भारतीय पहलवान सुशील कुमार

2 min read
Google source verification
wrestler sushil kumar

wrestler sushil kumar

बुलंदशहर। जनपद की गौशाला के बारे में सुनकर और उससे प्रभावित होकर ओलंपिक में पदक जीतने वाले भारतीय पहलवान सुशील कुमार बुधवार को गौशाला देखने पहुंचे। सुशील कुमार की मानें तो वह गाय का दूध पीकर ही अंतर्राष्ट्रीय स्तर के पहलवान बने हैं। गौशाला से प्रभावित होकर भारतीय पहलवान ने कहा क‍ि उन्‍होंने आज तक ऐसी गौशाला नहीं देखी है।

गौशाला से हुए प्रभावित

बुलंदशहर के चंदियाना में स्थित मधुसूधन गौशाला के बारे में पहलवान सुशील कुमार ने विदेशों में सुना था। वो बब्बन मियां की गौशाला से न सिर्फ प्रभावित हुए बल्कि उनकी गौशाला देखने भी आए। बता दें कि गौशाला देखने के बाद भारतीय पहलवान सुशील कुमार का मानना है कि यूपी की गौशालाओं का ब्रांड अंबेसडर बब्बन मियां को बनाना चाहिए। साथ ही वो लोगों को बताएं कि गौसेवा क्या होती है। भारतीय पहलवान की मानें तो उन्होंने बहुत गौशालाएं देखी हैं, लेकिन ऐसी आज तक नहीं देखी। उन्होंने कहा कि वो यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ से बब्बन मियां को यूपी की सभी गौशालाओ का ब्रांड अंबेसडर बनाने की मांग करेंगे।

सोशल मीडिया पर नहीं देना चाहिए ध्‍यान

भारतीय पहलवान ने कहा कि गौरक्षा के नाम पर आज-कल के जो हालात हैं, लोगो को उन पर ध्यान नहीं देना चाहिए। उन्‍होंने कहा क‍ि आज-कल लोग सोशल मीडिया पर कुछ भी डाल देते हैं, उस पर ध्यान नहीं देना चाहिए। साथ ही कहा कि ऐसे लोगो को बब्बन मियां से मिलना चाहिए और देखना चाहिए की गायों को कैसे पाला जाता है। वो खुद कई गौशालाओ में गए हैं लेकिन आज इन की गौशाला देखकर ऐसा लगता है कि गाय फाइव स्टार होटल में रह रही हैं। कहा कि गौशाला में इतनी अच्छी साफ-सफाई और वातावरण है।

हार के बाद ही जीत है

सुशील कुमार ने कहा कि इस बार उन्‍होंने ओलंपिक के लिए कमर कस ली है। बस उन्‍हें सबकी दुआएं चाहिए, जिससे वो देश के लिए अच्छा खेल सकें। साथ ही पॉजिटिव रिपोर्ट आने पर सुशील कुमार ने कहा कि खिलाड़ी को हमेशा पॉजिटिव रहना चाहिए। उन्‍होंने कहा क‍ि कभी भी हारने के बाद मायूसी की बात नहीं करनी चाहिए। उन्होंने कहा कि हार के बाद ही जीत है।