26 अप्रैल 2026,

रविवार

Patrika Logo
Switch to English
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

अक्षय तृतीया पर 11 साल बाद बन रहा यह संयोग…

इस बार कुछ अनोखी रहेगी आखातीज

2 min read
Google source verification
Akshay Tritiya's aboojh muhurta.

बूंदी. 18 अप्रेल वैशाख शुक्ल पक्ष तृतीया तिथि बुधवार को अक्षय तृतीया का स्वय सिद्ध अबूझ मुहूर्त रहेगा। इस साल बेहद खास है कि 11 साल बाद सम्पूर्ण दिन रात सर्वार्थ सिद्धि योग रहेगा वही सूर्य मेष राशि में उच्च के वृष राशि में शुक एवं चंद्रमा का उच्च राशि का योग इस की महत्ता बढ़ाता है। ज्योतिषियों की माने तो इस दिन नया काम , प्रोपट्री, विवाह, मुंडन, जनेऊ आदि कार्य करना शुभ होता है। इस दिन कीमती धातु की खरीद भी अक्षय फलदायी मानी है। इस दिन सूर्योदय से लेकर अगले दिन सूर्योदय से पूर्व खरीद फरोख्त करना श्रैष्ठ रहेगा।

चोघडिय़ो के अनुसार मुहूर्त-

प्रात: 6.4 से 9.15 तक लाभ व अमृत चौघडिय़ा- गृह प्रवेश, भूमि पूजन, व्यापार आरम्भ, वाहन मुंडन, दान, पुजा पाठ अनुष्ठान करना उत्तम रहेगा। प्रात: 10.51 से 12.26 तक शुभ का चौघडिय़ा- मशीनरी, वाहन,कम्प्यूटर, इलेक्ट्रॉनिक आइटम, कीमती धातु, व्यापार आरम्भ किया जाना श्रेष्ठ होगा। दोपहर 3.40 से 6.49 तक चर लाभ के चोघडिय़ा- वाहन, मोबाइल,लेपटॉप, आभूषण विवाह, व्यापार आरम्भ, इलेक्ट्रॉनिक वस्तु, पशु क्रय दान-पूण्य करना अक्षय फलकारी माना है।

देवउठनी ग्यारस पर मुहूर्त नहीं -

शुक्र के उदित होते ही 18 अप्रैल से मुहूर्त प्रारंभ हो जाएंगे। इस दिन अक्षय तृतीया है। यह अबूझ मुहूर्त वाला दिन है। इस दिन सर्वाधिक विवाह होंगे। शहर व आसपास के क्षेत्रों में बड़ी संख्या में सामूहिक विवाह के आयोजन भी किए जाएंगे। इसके बाद 18 अगस्त से नवंबर माह तक कई बार गुरु व शुक्र के अस्त रहने, सूर्य के कर्क, तुला व वृश्चिक आदि राशियों में रहने पर भी विवाह नहीं होंगे। देवउठनी ग्यारस 19 नवंबर को रहेगी। इस दिन विवाह मुहूर्त नहीं रहेगा, पर इस दिन कुछ लोग अबूझ मुहूर्त का दिवस होने पर विवाह कर सकेंगे। दिसंबर में केवल 2दिन मुहूर्त रहेंगे।

16 मई से 13 जून तक रहेगा अधिकमास

ज्योतिषाचार्य अमित जैन ने बताया कि 16 मई से 13 जून तक अधिकमास (पुरुषोत्तम मास) रहने पर विवाह नहीं होंगे। मई के पहले व जून के दूसरे पखवाड़े में मुहूर्त रहेंगे। आगामी 23 जुलाई आषाढ़ शुक्ल देव शयनी एकादशी से चातुर्मास प्रारंभ हो जाएगा। इसके बाद 16 दिसंबर से 13 जनवरी तक खरमास रहेगा। इसी तरह 13 नवंबर से 9 दिसंबर तक गुरु ग्रह के अस्त रहने पर विवाह नहीं होंगे।

अबूझ एवं स्वयं सिद्ध मुहूर्त-

18अप्रैल- अक्षय तृतीया

24अप्रैल- जानकी नवमी

30 अप्रैल- पीपल पूनम

22जून- गंगा दशमी

21 जुलाई- भडल्या नवमी

23जुलाई- देवशयनी एकादशी

19नवम्बर देवउठनी एकादशी

18अप्रैल से जुलाई तक शादियां बाद दिसंबर में मुहूर्त

अप्रैल 18 ,19,20,26,29 मई ,3,4,8,11,12 जून 9,20,21,22,23,25,29

जुलाई 1,2,6,7,10 दिसंबर 12,13