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हर बूंद के साथ घुलती जा रही अन्नदाता की उम्मीदें…

मौसम का बदला मिजाज...आंधी ने मचाई खलबली...पानी में भीगे किसानो के अरमान
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बूंदी

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Suraksha Rajora

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Updated: 11 Apr 2018, 8:45 PM IST

Complaints will be completed in three days

Complaints will be completed in three days

बूंदी. जब से बादल छाए है किसान जबरदस्त तनाव में है। दिल बैठा जा रहा है और आंखे अज्ञात भय से सुखी जा रही है। जिले में पिछले एक पखवाड़े से मौसम का मिजाज बदला सा है। बारीश की हर एक बूंद आसमां से बर्बादी का पैगाम दे रही है। बुधवार को भी जिले में बूंदाबांदी शुरू हुई। सुबह से दोपहर तक तेज धूप के बाद सांय करीब ४ बजे मौसम ने अचानक करवट बदली। आसमान में बादल गरजने के साथ बूंदाबांदी का दौर शुरू हुआ। आसमान में बादल छा जाने से कु़छ देर के लिए ठण्डी हवाएं चलने से मौसम खुशनुमा हो गया। इसके बाद तेज अंधड़ के साथ हल्की वर्षा हुई। करीब १० मिनट तक वर्षा का दौर चलता रहा।

मंडी में गेहंू का उठाव नहीं होने से बिगड़ी व्यवस्था

केशवरायपाटन कृषि उपज मंडी में किसानों के सामने संकट कम नहीं हो रहा है। बुधवार को मंडी में खरीदे गए गेहंू का उठाव नहीं होने से व्यवस्था बिगड़ गई। मंडी परिसर अटा होने से किसानों गेहंू के ढेर नहीं हो पा रहे है। किसानों ने बताया कि प्रवेश नहीं मिलने से दो दिन से मंडी के बाहर पड़े है। यहां पर मंडी गेट से पुलिस थाने व सहकारी चीनी मिल चौराहा के पास पेट्रोल पम्प तक ट्रैक्टर-ट्रॉलियों की कतार लग गई है। किसानों ने बताया कि मंडी में ऑनलाइन टोकन की वजह से व्यवस्था बिगड़ी थी, जो ठीक नहीं हो पा रही है। किसान नेता बृजेश गुप्ता ने बताया कि वह दो दिन से मंडी में पड़े हैं, लेकिन यहां गेहंू को पास करने वाला तक नहीं है।

पानी में भीग गए गेंहू

अचानक मौसम बिगडऩे से कृषि उपज मंडी में ढेर कर रखे गेहंू बारिश में भीग गए। यहां बुधवार शाम तीन बजे बाद अचानक तेज बारिश आ गई। बारिश आते ही मंडी में अफरातफरी मच गई। किसान अपने ढेरों को सुरक्षित करने के लिए तिरपालों से ढकने लग गए। तेज अंधड़ के साथ आई बारिश ने किसानों की चिंता बढ़ा दी है। यहां मंडी में छाया की व्यवस्था नहीं होने से किसानों ने गेहंू के ढेर खुले आसमान तले ही कर रखे हैं। किसानों ने बताया कि बारिश तेज हुई तो भारी नुकसान होने की संभावना है।