
गुढ़ानाथावतान. लवकुश वाटिका में सेमल के पेड़ पर अपने पंजों के निशान बनाता टाइगर
गुढ़ानाथावतान. रामगढ विषधारी टाइगर रिजर्व के बफर जोन भीमलत के जंगलों को फिर से बाघों सहित अन्य वन्यजीवों के अनुकूल बनाने के लिए वन विभाग ने प्रयास तेज कर दिए है। भीमलत लव कुश वाटिका के सौंदर्यीकरण के द्वितीय चरण का काम पूरा हो गया है तथा इसे शीघ्र ही पर्यटकों के लिए खोला जाएगा।
द्वितीय चरण में वन विभाग ने गत वर्ष नवम्बर माह में यहां करीब 50 लाख के नए काम शुरू किए थे। इनमें लव कुश वाटिका में पर्यटकों की सुविधा के लिए इंटरलॉकिंग पाथवे, वाच टॉवर व वाटर फॉल व्यू पॉइंट आदि बनाए गए हैं। लवकुश वाटिका में उपवन संरक्षक देवेंद्र सिंह भाटी ने नवाचार करते हुए बाघ, चिंकारा व लवकुश के लाइफ साइज थ्रीडी मॉडल बनवाए है जिससे यहां का वातावरण रोमांच भरा व आकर्षक हो गया है।
गुजरात की एक कंपनी द्वारा बनाए गए ये जीवंत मोडल जंगल के प्राकृतिक वातावरण में वन्यजीवों की मौजूदगी का अहसास कराते हैं। यहां दो वर्ष पूर्व 2 करोड़ की लागत से लव कुश वाटिका बनाने की शुरुआत हुई, जो अब अंतिम चरण में है।
वाटिका में दिखने लगी जंगल की छटा
भीमलत लव कुश वाटिका में विभिन्न राज्यों के राज्य वृक्ष, पशु पक्षियों के लिए प्राकृतिक भोजन के स्रोत पेड़-पौधे तथा विभिन्न किस्म की वनस्पतियों को लगाया गया है। पौधों के लिए नलकूप व पाइप लाइन से सिंचाई की बेहतरी व्यवस्था की गई है। जिससे सभी पौधे पेड़ों का आकार लेने लगे है।
इस वर्ष भी बरगद, पीपल आदि छायादार पौधे लगाए गए है जो आने वाले समय में सघन वन बनेंगे। वाटिका में विभिन्न प्रजाति की घास व झाड़ियां भी कई जीव जंतुओं के लिए महत्वपूर्ण आवास सिद्ध होने लगे हैं। यहां वन्यजीवों के पेयजल व जल क्रीड़ा के लिए एक पोंड भी बनाया गया है। उम्मीद है इस वाटिका को जल्दी ही पर्यटकों के लिए खोला जाएगा।
Published on:
14 May 2025 05:55 pm
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