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बीमार पेंशनर्स काट रहे चक्कर, केन्द्रों पर दवाओं का टोटा

पेंशनरों को दवा उपलब्ध कराने की व्यवस्था बीते कुछ समय से पटरी से उतर गई है। जिला अस्पताल सहित जिले के अन्य जन औषधि
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बीमार पेंशनर्स काट रहे चक्कर, केन्द्रों पर हो गया दवाओं का टोटा

बूंदी. पेंशनरों को दवा उपलब्ध कराने की व्यवस्था बीते कुछ समय से पटरी से उतर गई है। जिला अस्पताल सहित जिले के अन्य जन औषधि केंद्रों पर पेंशनरों को पर्याप्त दवाएं नहीं मिल रही है। वृद्ध पेंशनर दवा के लिए बार-बार चक्कर काटने को मजबूर हैं।
जानकारी के अनुसार जिला मुख्यालय पर अस्पताल परिसर में बूंदी सहकारी उपभोक्ता होलसेल भंडार के दो जन औषधि केंद्र संचालित है। जहां पर पेंशनरों को बीते दो माह से पर्याप्त दवाएं नहीं मिल रही है। कई पेंशनर दवा के लिए केंद्र पर जाते हैं, लेकिन उन्हें चिकित्सक की ओर से लिखी गई चार में से दो या एक ही दवा मिल रही है। शेष दवाओं को लेने के लिए उन्हें दुबारा आने के लिए कहा जा रहा है। ऐसे में पेंशनर को बार-बार दवा केंद्र के चक्कर काटने पड़ रहे हैं। पेंशनरों से मिली जानकारी के अनुसार दवा केंद्रों परहृदय रोग, एंटी बॉयोटिक, मधुमेह रोग सहित अन्य बीमारियों की दवाएं पर्याप्त नहीं है।

उपचार में भी देरी
पेंशनरों ने बताया कि दवा केंद्र पर बीते दो माह से अव्यवस्था फैल रही है। यहां पर पर्याप्त दवाओं का अभाव हो रहा है। दवा केंद्र पर कर्मचारी हर बार यही कहते हैं कि दवाएं मंगाई है जो आ रही है। जबकि दवा केंद्र पर पर्याप्त दवाओं की उपलब्धता हमेशा रहनी चाहिए।
जन औषधि केंद्र पर मंगलवार को दवा लेने गया था। वहां पर पूरी मात्रा में दवा नहीं मिली। चिकित्सक ने पत्नी के फेफडों में इंफेक्शन की दवा लिखी थी।
मोहम्मद एजाज, सेवानिवृत्त शिक्षक
उपभोक्ता भण्डार के जन औषधि केंद्र पर पेंशनर को ब्रांडेड सहित सभी तरह की दवाएं मिलनी चाहिए। चिकित्सक जो दवा लिखे वो उपलब्ध कराई जाए। बीते कुछ समय से यहां पर चार में से दो ही दवा मिल रही है।
रामेश्वर मीणा, जिला महामंत्री पेंशनर समाज, बूंदी
कोई समस्या नहीं है, डिमांड दी हुई है। बुधवार शाम तक दवाओं की सप्लाई आ जाएगी। मार्च में थोड़ा स्टॉक कम किया था।
गोविंद लड्ढा, अतिरिक्त रजिस्ट्रार बूंदी सहकारी उपभोक्ता होलसेल भण्डार