
भगवान भरोसे उपचार, मरीज लाचार
-पांच प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों में नहीं चिकित्सक व मेल नर्स
-दूरदराज के अस्पतालों में जाने की मजबूरी
हिंडोली. बसोली. प्रदेश सरकार चिकित्सा क्षेत्र में सुधार के बड़े-बड़े दावे कर रही है, लेकिन ग्रामीण क्षेत्रों में चिकित्सा व्यवस्था की स्थिति अभी भी बदहाल है। क्षेत्र के पांच गांवों में स्थित प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र भगवान भरोसे चल रहे हैं। यहां पर न तो चिकित्सक हैं और न ही मेल नर्स। ऐसे में यहां पर रोगियों के उपचार की कोई गारंटी नहीं है।
जानकारी के अनुसार हिंडोली क्षेत्र में प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र दबलाना, रानीपुरा, देवजीका थाना, बड़ानयागांव, बसोली सहित 6 स्वास्थ्य केंद्र है। इनमेंं से रानीपुरा, देवजी का थाना, बड़ानयागांव, दबलाना एवं बसोली में चिकित्सक के पद रिक्त पड़े हैं। जिससे इन प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों के अंतर्गत आने वाले दर्जनों गांवों के सैकड़ों रोगियों को उपचार की गारंटी नहीं मिल रही है। रोगियों को उपचार के लिए जहाजपुर, नैनवां व बूंदी जाना पड़ रहा है।
यहां के नर्सिंगकर्मी वहां पर
जानकार सूत्रों के अनुसार इन प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों में मेल नर्स प्रथम की नियुक्ति है, लेकिन काफी समय से मुख्य चिकित्सा अधिकारी ने बसोली, देवजी का थाना व रानीपुरा की मेल नर्स प्रथम को पीएमओ कार्यालय में लगा रखा है। ऐसे में रोगियों को उपचार के लिए भटकना पड़ रहा है। राज्य सरकार प्रतिवर्ष प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों पर नि:शुल्क दवाएं भेजती है, लेकिन चिकित्सक नहीं होने से दवाइयों का भी उपयोग नहीं हो रहा है।
रोगी भुगत रहे पीड़ा
रानीपुरा के सीताराम नागर ने कहना है कि दो दिन से बच्चों को उपचार के लिए चिकित्सालय ले जा रहा हूं, लेकिन चिकित्सक नहीं होने से अब बूंदी ले जाकर उपचार कराना पड़ा। गोठड़ा के गजानंद चंदेल ने बताया कि चिकित्सक नहीं लगाने से आए दिन रोगी परेशान होते हैं। इससे निजी अस्पताल की चांदी हो रही है। भवानीपुरा के हनुमान नागर का कहना है कि गंभीर रोगियों को चिकित्सालय लाया जाता है तो कोई नहीं मिलता है।
वर्जन आएगा....
Published on:
08 Aug 2018 10:13 pm
