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भ्रष्टाचार के रिसाव से खाली हो गए एनिकट

खेराड़ क्षेत्र के कई गांवों में हुए राजस्थान कृषि प्रतिस्पर्धात्मक योजना के तहत लाखों रुपए के कार्यों की पोल दो माह में ही खुल गई है।
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bhrashtaachaar ke risaav se khaalee ho gae enikat

भ्रष्टाचार के रिसाव से खाली हो गए एनिकट

-दो माह में ही निर्माण कार्यों की खुल गई पोल
-किसानों को नहीं मिलेगा लाभ
हिण्डोली. खेराड़ क्षेत्र के कई गांवों में हुए राजस्थान कृषि प्रतिस्पर्धात्मक योजना के तहत लाखों रुपए के कार्यों की पोल दो माह में ही खुल गई है। वाटरशेड द्वारा बनाए गए एनिकटों व एमपीटी में रिसाव होने से पानी बह गया।
जानकारी के अनुसार खेराड क्षेत्र के गांवों में भू जलस्तर को बढ़ाने के लिए वाटरशेड ने करीब दो करोड़ रुपए के कार्य करवाए थे। जिसमें एनिकट, एमपीटी, पीटी, तलाइयांं शामिल हैं। संवेदकों द्वारा निर्माण कार्य घटिया करवाने एवं अधिकारियों द्वारा समय पर निरीक्षण नहीं करने से एनिकट जवाब दे गए। ग्राम रींगड़दी के पास करीब १० लाख रुपए की लागत से एनिकट का निर्माण करवाया गया था। बारिश में एनिकट में पानी तो भर गया, लेकिन कार्य गुणवत्तापूर्ण नहीं होने से रिसाव के चलते सारा पानी निकल गया। इसी प्रकार कई एमपीटी भी पानी से भर गई थी, लेकिन उनमें भी रिसाव हो गया और वह खाली हो गई। जिससे सरकार द्वारा भूजल स्तर को बढ़ाने के लिए चलाई गई योजना का किसानों को लाभ नहीं मिल रहा है। ग्राम पंचायत नेगढ़ सरपंच दीपा कंवर ने बताया कि यहां पर अधिकारियों की मिलीभगत से संवेदकों ने घटिया करवाए हैं। जिसकी शिकायत भी की थी, लेकिन मिलीभगत के चलते कुछ नहीं किया। यहां पर हुए करोड़ों रुपए के कार्यो की जांच होने पर सब कुछ सामने आ सकता है।


-मई माह में रिगंड़दी माता मंदिर के पास बन रहे एनिकट के मामले की शिकायत मिली थी। जिस पर वे मौके पर जाकर संवेदक से काम बंद करवाकर आ गए थे। बाद में संवेदक ने किसके इशारे पर काम किया ये अधिकारी ही बता सकते हैं।
घनश्याम वर्मा, जिला समन्वयक आरएपीसी बूंदी


- ग्रामीणों की शिकायत मिली थी जिस पर अधीक्षण अभियंता एवं वे मौके पर गए थे। एनिकट में रिसाव हो रहा है। एमपीटी की शिकायत है ऐसे में संवेदक की राशि रोक ली है। १० एमपीटी की भी राशि रोकी है जब तक संवेदक सही कार्य करके नहीं देगा तो उसका भुगतान नहीं मिलेगा।
एसके खंडेलवाल, अधिशासी अभियंता वाटर शेड बूंदी