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मरीजों के लिए बड़ी खुशखबरी : डेंगू से परेशान बूंदीवालों के लिए EliSA जांच होगी शुरू

Dengue Patients in Bundi as EliSA Testing Begins : बूंदी में डेंगू के मरीजों को अब बड़ी राहत मिलेगी, क्योंकि डेंगू की एलाइजा जांच अब जिले में शुरू हो गई है। पिछले 4 सालों से डेंगू की एलाइजा जांच बंद थी, जिसके कारण मरीजों को कोटा जाने और महंगे जांच कराने की जरूरत पड़ रही थी।

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Now patients will be able to get ELISA test done in Bundi district

Now patients will be able to get ELISA test done in Bundi district

Dengue Patients in Bundi as EliSA Testing Begins : बूंदी में डेंगू के मरीजों (Dengue Patients ) को अब बड़ी राहत मिलेगी, क्योंकि डेंगू की एलाइजा जांच अब जिले में शुरू हो गई है। पिछले 4 सालों से डेंगू की एलाइजा (elisa test for dengue) जांच बंद थी, जिसके कारण मरीजों को कोटा जाने और महंगे जांच कराने की जरूरत पड़ रही थी। लेकिन अब जिले में ही एलाइजा जांच कराने का मौका मिलेगा, जिससे मरीजों को आराम होगा।

dengue test डेंगू की जांच
इस बड़े कदम की खबर के बाद, अब मरीजों को अधिक मान्यता वाली डेंगू की जांच के लिए कोटा जाने की जरूरत नहीं होगी, क्योंकि बूंदी में ही एलाइजा जांच (elisa test for dengue) की जा सकेगी। इससे मरीजों को न केवल समय बचेगा, बल्कि उनके पैसे भी बचेंगे।

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Elisa test for dengue एलाइजा टेस्ट

डेंगू की जांच के लिए एलाइजा टेस्ट आईसीएमआर द्वारा मान्यता प्राप्त है, और इसमें स्पष्ट जांच होती है, जो स्वास्थ्य विभाग द्वारा अन्य जांचों में नहीं होती है। इसके साथ ही, निजी लैब से की गई जांच के बाद एक सैंपल सरकारी अस्पताल को भी देना होता है, लेकिन अब तक यह प्रैक्टिस नहीं हो रही है।

Not getting benefit of free testing scheme निःशुल्क जांच योजना का नहीं मिल रहा लाभ

इसके अलावा, बूंदी जिला अस्पताल (Bundi District Hospital,) में मुख्यमंत्री द्वारा चलाई जाने वाली निःशुल्क जांच योजना का भी लाभ मरीजों को नहीं मिल पा रहा है, क्योंकि लैब में मशीनों की कमी के चलते कई जांचें नहीं हो पा रही हैं। इसके परिणामस्वरूप, मरीजों को निजी लैब में महंगे दामों पर जांच करवानी पड़ रही है।

सरकारी अस्पतालों में भी चिकित्सकों की कमी हो रही है और रेजिडेंट डॉक्टर्स की भी कमी है, जिससे रेजिडेंट उपलब्ध नहीं करा पा रहे हैं।

इस समस्या के समाधान के लिए सरकार को उचित कदम उठाने की आवश्यकता है, ताकि मरीजों को सही समय पर सही जांच और उपचार मिल सके।