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अंधविश्वास की चपेट में राजस्थान! मृतक की आत्मा लेेने अस्पताल पहुंचे कई परिवार के लोग, दिनभर चला ‘टोना टोटका’

21 वीं सदी में भी राजस्थान अंधविश्वास की चपेट में है। राज्य में बढ़ते अंधविश्वास का उदाहरण रविवार को बूंदी जिले में देखने को मिला। बूंदी जिले के अस्पताल में कई परिवार के लोग रविवार को अपने मृत परिजनों की आत्मा लेने के पहुंच गया। अस्पताल परिसर में ही जगह-जगह गीत गाकर लोग आत्मा को बुला रहे थे।
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बूंदी

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rohit sharma

Jun 02, 2019

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अंधविश्वास की चपेट में राजस्थान! मृतक की आत्मा लेेने अस्पताल पहुंचे कई परिवार के लोग, दिनभर चला 'टोना टोटका'

बूंदी।

21 वीं सदी में भी राजस्थान अंधविश्वास की चपेट में है। राज्य में बढ़ते अंधविश्वास का उदाहरण रविवार को बूंदी जिले में देखने को मिला। बूंदी जिले के अस्पताल में कई परिवार के लोग रविवार को अपने मृत परिजनों की आत्मा लेने के पहुंच गया। अस्पताल परिसर में ही जगह-जगह गीत गाकर लोग आत्मा को बुला रहे थे।

इस दौरान एक परिवार तो अस्पताल के आईसीयू में आत्मा को लेने के लिए घुसने लगा। इस पर अस्पताल कर्मचारियों ने उन्हें रोक दिया। लेकिन लोगों की भीड़ जबरन घुसने की कोशिश करने लगी। इस पर पीएमओ डॉ.के.सी.मीणा ने पुलिस कंट्रोल रूम पर फोन कर सूचित किया। पुलिस जाप्ता मौके पर पहुंचा और लोगों को आईसीयू में घुसने से रोका। पुलिस ने सभी को अस्पताल से बाहर निकाला। इस दौरान अस्पताल में भर्ती रोगियों को परेशानी का सामना करना पड़ा।

वहीं, चिकित्सा विभाग व आम लोग भी इस हरकत को देखकर हैरत में पड़ गए। सुबह से शाम तक अस्पताल में अलग-अलग जगहों पर आए महिला व पुरुष अपने परिजनों की आत्मा को लेकर जाते नजर आए। हर तरफ आग जलाकर लोग आत्मा का आह्वान करते रहे।

दिनभर चलता रहा क्रम

टोंक जिले के देवली तहसील के संध्यावास गांव से आए दादा मोहन मीणा अपने पोते की आत्मा लेने परिवार सहित आए। पुराने जनाना अस्पताल में पूर्व में प्रसव के समय उनके नवजात शिशु की मौत हो गई थी। चिकित्सालय परिसर में पूजा अर्चना कर व आग जलाकर आत्मा को ले गए। इस दौरान परिजन गीत गा रहे थे।

वहीं, देवली बंजारा कॉलोनी से भील समाज के लोग अपने दादा ग्यारसी लाल की आत्मा लेने परिवार सहित अस्पताल पहुंचे। पोते नवरात भील ने बताया कि चार-पांच साल पहले दादा ग्यारसीलाल कि चिकित्सालय में उपचार के दौरान मौत हो गई थी। तब से ही परिवार में अशांति बनी हुई थी। तब किसी देवता ने दादा की आत्मा बूंदी अस्पताल से लाने के लिए कहा, इस पर दादा की आत्मा को लेने के लिए आए हैं। परिवार के लोग चिकित्सालय के मुख्य गेट से आत्मा को लेकर चले गए।

इससे पहले सुबह अस्पताल में बड़ी संख्या में गुर्जर समाज के महिला व पुरुष पहुंचे। इस दौरान काफी हंगामा हुआ। सूचना पर पहुंची पुलिस ने सभी को समझाकर भीतर वार्ड से बाहर निकाला।

हर बार चौदस व अमावस को होता है यह

जानकारी के अनुसार जिला अस्पताल में हर बार चौदस व अमावस के दिन बूंदी सहित अन्य जिलों से ग्रामीण आते हैं। जो अपने मृत परिजनों की आत्मा को ले जाने के लिए अस्पताल में पूजा अर्चना करते हैं। यह नजारा हर बार यहां देखा जाता है। पौराणिक मान्यता के अनुसार चौदस व अमावस की तिथि ही इस कार्य के लिए तय होती है।

सुबह साढ़े आठ बजे की घटना है। बड़ी संख्या में लोग आईसीयू में आत्मा लेने के लिए घुसना चाह रहे थे। इस पर पुलिस कंट्रोल रूम पर सूचना दी। पुलिस ने पहुंचकर सभी को बाहर निकाला। डॉ.के.सी.मीणा, प्रमुख चिकित्सा अधिकारी जिला अस्पताल बूंदी