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बूंदी जिले के नैनवां में ऐसा क्या हुआ जो दो घंटे में ही अस्पताल में भर्ती हुए 50 से अधिक जने… जानने के लिए पढि़ए यह खबर
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बूंदी जिले के नैनवां में ऐसा क्या हुआ जो दो घंटे में ही अस्पताल में भर्ती हुए 50 से अधिक जने… जानने के लिए पढि़ए यह खबर

दो दिनों से अचानक मौसमी बीमारियों का प्रकोप बढ़ जाने से नैनवां के सामुदायिक चिकित्सालय में मरीजों का तांता लगा रहा।
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मौसमी बीमारियों का कहर, वार्ड ठसाठस, दो घंटे में पहुंचे ढाई सौ रोगी
नैनवां. दो दिनों से अचानक मौसमी बीमारियों का प्रकोप बढ़ जाने से नैनवां के सामुदायिक चिकित्सालय में मरीजों का तांता लगा रहा। आउटडोर में आने वाले मरीजों में आधे से ज्यादा मरीज मौसमी बीमारियों की चपेट वाले आ रहे हैं। दो घंटे में ही बुखार व वायरल के पचास से अधिक रोगी भर्ती हो चुके थे। बेड कम होने से भर्ती होने रोगियों की संख्या ज्यादा होने से वार्ड ठसाठस हो गए। बुधवार को सार्वजनिक अवकाश होने से दो घंटे के आउटडोर में ही सुबह नौ बजे से ग्यारह बजे तक आउटडोर में ही 250 मरीज उपचार के लिए पहुंच जाने में चिकित्सालय मरीजों से अट गया। बुखार, पेट दर्द, वायरल के रोगी ज्यादा मात्रा में आए। चिकित्सालय में आउटडोर ्रशुरू होने से पहले ही मरीजों की भीड़ लगना शुरू हो गई थी। रोगी पर्ची काउंटर पर तो सुबह साढ़े सात बजे से ही कतार लग गई थी। साढ़े आठ बजे तक तो दो सौ से डेढ़ सौ से अधिक रोगी पहुंच जाने से चिकित्सा कर्मियों को व्यवस्था बनाए रखने के लिए काफी मशक्कत करनी पड़ रही थी। चिकित्सक डॉ. समदरलाल मीणा, डॉ. गोपाललाल नागर व डॉ. एलपी नागर के कक्षों के बाहर लम्बी कतारें लग गई।
बेड कम पड़ गए
सामुदायिक चिकित्सालय में दो वार्डो में 24 बेड की व्यवस्था होने व भर्ती मरीजों की संख्या बढ़ जाने से नए मरीजों को भर्ती करने के लिए पुराने मरीजों की छुट्टी करनी पड़ रही थी। पत्रिका संवाददाता सुबह दस बजे वार्डो में पहुंचा तो बेड कम और भर्ती होने वाले मरीज अधिक पहुंच जाने से कई मरीजों को भर्ती के लिए इंतजार करना पड़ रहा था।
करना पड़ा इंतजार
आउटडोर का समय समाप्त होते ही मरीज चिकित्सकों के आवासों की ओर दौड़ पड़े। दोपहर बाद गांवों से आए मरीजों की चिकित्सकों के आवासों के बाहर भीड़ लग गई। मरीजों की भीड़ के कारण आवासों पर भी दिखाने के लिए भी दो-दो घंटे तक अपनी बारी आने के इंतजार में खड़ा रहना पड़ा।
-मौसम परिवर्तन के साथ धूप में तेजी आने से दो दिन से मौसमी बीमारियों का असर कुछ ज्यादा ही बढ़ गया। दो दिन से वायरल के साथ बुखार के रोगी अधिक आ रहे हैं।
डॉ. समदरलाल मीना, चिकित्सालय प्रभारी, नैनवां सामुदायिक चिकित्सालय