
बूंदी। तालेड़ा कस्बे के पाटन चौराहे पर दूध डेयरी लगाकर परिवार को पाल रहे बंशीलाल सैनी की मौत के मामले में बूंदी जिले की पुलिस कोटा उत्तर के विधायक के आगे नतमस्तक हो गई है।
बंशीलाल को आत्महत्या किए 14 दिन बीत गए, लेकिन पुलिस ने दस दिन बाद मामला दर्ज करने के सिवाए कुछ नहीं किया। आरोपी खुलेआम धूम रहे हैं, तालेड़ा पुलिस को दिख नहीं रहे। मामले में एक आरोपी कोटा उत्तर विधायक प्रहलाद गुंजल का भाई श्रीलाल है। भाजपा विधायक के कारण पुलिस के हाथ आरोपियों तक नहीं पहुंच रहे हैं। डेयरी संचालक बंशीलाल ने 19 मई को जहरीला पदार्थ खा लिया था और 21 मई को उपचार के दौरान उसकी सांसें थम गई। इस बीच तालेड़ा पुलिस ने तो बयान लेना भी मुनासिब नहीं समझा।
मामला दर्ज होने में लग गए दस दिन
22 मई को मृतक के बुजुर्ग पिता राधेश्याम सैनी ने तालेड़ा थाने में पहुंचकर पूरे मामले की रिपोर्ट और सुसाइड नोट भी सौंपा, लेकिन मामला दर्ज नहीं किया गया। माली समाज में आक्रोश के बाद 10 दिन बाद पुलिस ने 31 मई को कोटा सरस डेयरी अध्यक्ष श्रीलाल गुंजल, सुपरवाइजर प्रभुलाल गोचर, लेसरदा निवासी आरपी गोपाल गुर्जर के खिलाफ आत्महत्या के लिए उकसाने का मामला दर्ज किया।
पत्नी की फरियाद तो सुनी ही नहीं
मृतक की पत्नी संजू ने 21 मई को तालेड़ा थाने में पत्र लेकर गई थी, जिसमें आए दिन धमकियां दे रहे लोगों के खिलाफ कार्रवाई की फरियाद लगाई थी। इस पत्र को भी पुलिस ने दरकिनार कर दिया।
18 मई को चौराहे पर खूब धमकाया
परिजनों के मुताबिक, कोटा डेयरी के इन पदाधिकारियों ने 18 मई को भी पाटन चौराहे पर बंशीलाल को खूब धमकाया था। बाद में वह उसके गांव भी गए।
बंशीलाल जैसे-तैसे कर परिवार को पाल रहा था। पुलिस फरियाद सुन लेती तो हमें भूखे मरने की नौबत नहीं आती। पुलिस ने दबाव के कारण अभी तक आरोपितों को नहीं पकड़ा।
राधेश्याम सैनी, मृतक के पिता
&मामले में अभी सभी पहलुओं को ध्यान में रखकर अनुसंधान कर रहे हैं। दोषी पाए जाने पर गिरफ्तारी करेंगे।
शिवलाल बैरवा, पुलिस उपअधीक्षक, केशवरायपाटन
Published on:
04 Jun 2018 02:12 pm
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