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बंद हो गई नहर, लेकिन पानी की दरकार अब भी

टेल क्षेत्र के बड़ाखेड़ा, लबान, माखीदा, बहड़ावली, पीपल्दा थाग सामारा पापड़ी, जाडला सहित दर्जनों गांवो में पानी नहीं मिलने से किसानों की परेशानी बढ़ गई है।

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बूंदी

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pankaj joshi

Nov 17, 2021

बंद हो गई नहर, लेकिन पानी की दरकार अब भी

बंद हो गई नहर, लेकिन पानी की दरकार अब भी

बंद हो गई नहर, लेकिन पानी की दरकार अब भी
टेल क्षेत्र में पानी नहीं मिलने से किसानों की परेशानी बढ़ी
बडाखेड़ा . टेल क्षेत्र के बड़ाखेड़ा, लबान, माखीदा, बहड़ावली, पीपल्दा थाग सामारा पापड़ी, जाडला सहित दर्जनों गांवो में पानी नहीं मिलने से किसानों की परेशानी बढ़ गई है। किसानों की फसल सूखने के कगार पर पहुंचने लगी है। इसको लेकर किसानों में रोष है। किसानों का आरोप है कि जहां पर पानी है, वहां जर्जर माइनरों से पानी व्यर्थ बह रहा है। किसानों ने बताया कुछ दिनों पहले सीएडी विभाग और किसानों की बैठक हुई थी। उसमें 20 नवम्बर तक टेल क्षेत्र में जल प्रवाह सुचारु रखना तय हुआ था, लेकिन 15 नवम्बर को ही नहर में पानी कम हो गया और टेल क्षेत्र की सैकड़ों बीघा जमीन रेलने का इंतजार करती रह गई। किसानों का कहना है कि सरसों व चने की फसल के लिए अभी पानी की जरूरत है। किसान साहबलाल गुर्जर ने कहा कि इस मामले को लेकर केपाटन विधायक चन्द्रकान्ता मेघवाल को भी अवगत करवा है। लबान सरपंच बुद्धिप्रकाश मीणा, बहडावली के किसान पवन मीणा, सुरेन्द्र शर्मा बड़ाखेड़ा, गिरिराज मीणा आदि ने टेल क्षेत्र में जल प्रवाह जारी रखने की मांग की।
टेल क्षेत्र में 10 नवम्बर तक पानी देना था। उसके बाद हेड के किसानों के लिए पानी देना तय था। पांच दिन अधिक पानी दे दिया, हेड पर गेज डाउन कर दिया है। जिससे नहर में पानी कम हो गया। एक मीटर से कम पानी चल रहा है। 8 दिन बाद वापस गेज मेंटेन कर दिया जाएगा। इसके बाद पानी बढ़ जाएगा।
अनिल कुमार यादव, कनिष्ठ अभियंता सीएडी, लबान