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जानें आखिर हिण्डोली क्यों आईं प्रधान वन संरक्षक

वन विभाग के प्रधान वन संरक्षक श्रुति शर्मा व सेवानिवृत्त जीवी रेडी ने सोमवार को हिण्डोली के निकट चतरगंज नर्सरी का निरीक्षण किया।

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बूंदी

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pankaj joshi

Feb 16, 2021

जानें आखिर हिण्डोली क्यों आईं प्रधान वन संरक्षक

जानें आखिर हिण्डोली क्यों आईं प्रधान वन संरक्षक

जानें आखिर हिण्डोली क्यों आईं प्रधान वन संरक्षक
हिण्डोली. वन विभाग के प्रधान वन संरक्षक श्रुति शर्मा व सेवानिवृत्त जीवी रेडी ने सोमवार को हिण्डोली के निकट चतरगंज नर्सरी का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने वन विभाग के अधिकारियों व कर्मचारियों को नर्सरी व प्लांट्स एप के बारे में चर्चा की। शाम को कोटा से जयपुर लौटते समय प्रधान वन संरक्षक श्रुति शर्मा व सेवानिवृत्त वनाधिकारी जीवी रेडी पहुंचे। जिनका अधिकारियों व वन्यजीव प्रेमियों ने स्वागत किया। इस दौरान उन्होंने स्टाफ से फील्ड में आने वाली समस्याओं का फीडबैक लिया एवं उसके समाधान के बारे में भी जानकारी दी। उन्होंने कर्मचारियों की हौसला अफजाई करते हुए कहा कि प्लांटेशन अच्छे बने सभी का यही लक्ष्य होना चाहिए। इस दौरान उपवन संरक्षक सोनल जोरिहार, हिण्डोली क्षेत्रीय वन अधिकारी दीपक जासू, नैनवां के धीरेंद्र सिंह चुंडावत, बूंदी वन सुरक्षा के मनीष शर्मा व राजेंद्र विजयवर्गीय भी मौजूद रहे ।
रामगढ़ विषधारी अभयारण को बाघ संरक्षित टाइगर घोषित करने की मांग
चतरगंज नर्सरी में पहुंचे प्रधान वन संरक्षक वन्यजीव प्रेमी पृथ्वी सिंह राजावत ने प्रस्तावित रामगढ़ विस्तारित टाइगर रिजर्व घोषित करने की मांग की है। राजावत ने प्रधान मुख्य वन संरक्षक को ज्ञापन देकर बताया कि रामगढ़ विषधारी अभयारण्य में बाघ संरक्षित क्षेत्र के टाइगर रिजर्व के प्रादेशिक वन खंड के रिजर्व वन दुर्वासा महादेव, कालदां वन क्षेत्र जो पूर्ण रूप से मानवीय गतिविधियों से मुक्त है। जो बांधों के अनुकूल है उसको टाइगर रिजर्व के कोर क्षेत्र घोषित करवाया जाए।
उन्होंने बताया कि करीब 350 वर्ग किलोमीटर का रामगढ़ से जुड़ा हुआ क्षेत्र है, जिसमें एक भी गांव या कृषि क्षेत्र नहीं है तथा दर्जनों प्राकृतिक जलस्रोत व भालू ,पैंथर, चिंकारा, जंगली सूअर जैसे वन्यजीवों की भरमार है। रामगढ़ अभयारण्य के साथ प्रस्तावित टाइगर रिजर्व के अन्य वनों का भी संरक्षण कर उन्हें बाघों के अनुकूल बनाने की मांग की है। इस दौरान पीपुल फॉर एनीमल्स के बूंदी प्रभारी वि_ल सनाढ्य भी मौजूद रहे। कालदां में स्थाई चौकी बनाने की भी मांग की।