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जल संकट को लेकर फूटा आक्रोश, कलक्ट्रेट में दिया धरना

शहर में उपजे जल संकट को लेकर मंगलवार को आमजन एवं भाजपा कार्यकर्ताओं का आक्रोश फूट पड़ा। यहां रैली निकाली और कलक्ट्रेट में विरोध प्रदर्शन किया।

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बूंदी

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pankaj joshi

Jul 07, 2021

जल संकट को लेकर फूटा आक्रोश, कलक्ट्रेट में दिया धरना

जल संकट को लेकर फूटा आक्रोश, कलक्ट्रेट में दिया धरना

जल संकट को लेकर फूटा आक्रोश, कलक्ट्रेट में दिया धरना
भाजपा कार्यकर्ता एवं आमजन ने निकाली रैली
7 दिन में सुधार के आश्वासन पर माने
बूंदी. शहर में उपजे जल संकट को लेकर मंगलवार को आमजन एवं भाजपा कार्यकर्ताओं का आक्रोश फूट पड़ा। यहां रैली निकाली और कलक्ट्रेट में विरोध प्रदर्शन किया।
शहर भाजपा वरिष्ठ उपाध्यक्ष अशोक जैन ने तीन दिन पहले चेतावनी दी थी कि व्यवस्था में सुधार नहीं हुआ तो कलक्टर कक्ष के बाहर धरना देंगे। जब इस चेतावनी के बाद भी जलापूर्ति व्यवस्था में सुधार नहीं हुआ तो भाजपाइयों ने जमकर विरोध प्रदर्शन किया। परिसर में लगे गेट पर एक घंटे से अधिक देरी तक विरोध प्रदर्शन किया। प्रशासन और सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। इस दौरान प्रदर्शनकारी खाली मटकियां भी लेकर आए थे। यहां भाजपा कार्यकर्ताओं ने कहा कि 24 घंटे की जगह 48 और 72 घंटे में जलापूर्ति हो रही। ऐसे में जन सामान्य का एक-एक दिन निकालना मुश्किल हो गया। धरना स्थल को जैन, भाजपा जिला महामंत्री सुरेश अग्रवाल, नगर परिषद नेताप्रति पक्ष मुकेश माधवानी, निर्मल मालव ने संबोधित किया। जैन ने कहा कि पानी के लिए शहर में त्राहि-त्राहि मच रही, लेकिन अधिकारी सुनवाई नहीं कर रहे। कई मोहल्लों में तो पीने का पानी पहुंचे ही कई दिन हो गए। अभियंताओं पर प्रशासन का कोई नियंत्रण नहीं रहा। अतिरिक्त जिला कलक्टर ने पहुंचकर समझाइश भी, लेकिन रोष कम नहीं हुआ।
बाद में प्रतिनिधि मंडल जिला कलक्टर से मिला। जिन्होंने सात दिवस की अवधि में सुधार कराए जाने का भरोसा दिया। इस दौरान पार्षद मनीष सिसोदिया, शहर अध्यक्ष महावीर खंगार, करणशंकर, कल्पना सेन, मनीष सेन, संजय भूटानी, बालकिशन सोनी, सरोज अग्रवाल, रमेश हाड़ा, मीना कुमारी, जितेंद्र सिंह, प्रेम जांगिड़, लोकेश दाधीच, अनुराग गौतम, जितेन्द्र सिंह हाड़ा आदि सहित कई जने मौजूद थे।


पीने के पानी के लिए करनी पड़ रही है भागदौड़
हैडपंप पर खाली बर्तन रखकर जताया रोष
भण्डेड़ा. क्षेत्र के सादेड़ा गांव में ग्रामीणों को चार वर्ष से पीने के पानी के लिए हर रोज भाग दौड़ करनी पड़ रही है। ग्रामीण मशक्कत करके अपनी प्यास बुझा रहे हैं। ग्रामीण पीने का पानी या तो संगमेश्वर (समेला) महादेव के हैंडपंप पर जाकर लाते हैं या कुएं व खेतों पर लगे नलकूप पर दो से तीन किलोमीटर जाकर पानी जुटाते हैं। महिलाओं का कहना है कि गांव में पांच वर्ष पहले तीन मोहल्लों में लगे तीनों हैंडपंप में मीठा पानी आता था तो उसी से पानी जुटाते थे। तीनों हैंडपंप में अचानक चार वर्षों से पानी खारा व कड़वा लगने लग गया। इस समय भी हैंडपंप में पानी है, लेकिन पीने लायक नहीं होने से परेशानी हो रही है। ग्रामीणों ने जल्द इस समस्या के स्थाई निवारण की मांग की है। ताकि आमजन को भी पीने का पानी सुगमतापूर्वक उपलब्ध हो सके।