5 फ़रवरी 2026,

गुरुवार

Patrika Logo
Switch to English
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

बूंदी

Ramgarh Vishdhari Tiger Reserve: तैयारी पूरी, लेकिन प्रेबेस बढ़ाने के प्रयास धीमे. Video

रामगढ़ विषधारी टाइगर रिजर्व में बाघों को बसाने और उनकी आबादी बढ़ाने को लेकर विभाग की ओर से तैयारियां पूरी हो चुकी है। यहां एनक्लोजर का निर्माण भी पूर्ण हुए काफी समय हो गया है

Google source verification

बूंदी. रामगढ़ विषधारी टाइगर रिजर्व में बाघों को बसाने और उनकी आबादी बढ़ाने को लेकर विभाग की ओर से तैयारियां पूरी हो चुकी है। यहां एनक्लोजर का निर्माण भी पूर्ण हुए काफी समय हो गया है, लेकिन शुरुआत तौर पर प्रेबेस बढ़ाने को लेकर प्रयास धीमे बने हुए हैं।

गौरतलब है कि मई माह में एनक्लोजर का काम पूरा हो चुका है। इसमें सबसे पहले प्रेबेस के तौर पर चीतल लाए जाने हैं, लेकिन इसको लेकर कोई सुगबुगाहट नहीं हो रही है। इसके चलते बाघिन शिङ्क्षफ्टग का भी इंतजार बढ़ता जा रहा है।
जानकारी के अनुसार विभाग ने प्रेबेस बढ़ाने के लिए यहां 5 हैक्टेयर में एनक्लोजर तैयार किया है। इसके साथ ही हर्बीवोर्स के लिए यहीं पर घास की उपलब्धता के लिए जगह तैयार की है। बारिश के दौरान ही यहां हर्बीवोर्स लाए जाने थे, लेकिन मानसून आने के बाद भी इसको लेकर कोई प्रयास नजर नहीं आ रहे हैं।

 

तेज बारिश हुई तो बढ़ेगी मुश्किलें
जानकारों के अनुसार प्रेबेस लाने का उचित समय अभी ही है। मानसून शुरू होने और तेज बारिश के बाद यहां की परिस्थितियां और विकट हो जाएगी। ऐसे में यहां तक प्रेबेस को लाकर छोडऩे में काफी परेशानी होगी। ऐसे में विभाग को कुछ ही समय में प्रेबेस लाने की जरूरत है।

 

लम्बे समय से बाघिन के इंतजार में बाघ
इधर, करीब दो साल से बाघ रामगढ़ में विचरण कर रहा है। जानकारों के अनुसार लम्बे समय से बाघ बिना बाघिन के यहां रह रहा है। ऐसे में उसके वापस रणथम्भौर जाने की भी संभावना बनी हुई है। पहले यहां प्रेबेस बढ़ाया जाएगा, इसके बाद बाघिन शिङ्क्षफ्टग पर विचार होगा। इसके लिए एनटीसीए से भी स्वीकृति लेनी होगी। इस प्रक्रिया में भी समय लगेगा। ऐसे में बाघिन का इंतजार और बढ़ता जा रहा है। परिस्थितियों को देखते हुए अक्टूबर के बाद तक बाघिन लाने पर विचार किया जा सकता है।