
लोगों के सहयोग से रामगढ़ को हरा-भरा करने में जुटे वनकर्मी
लोगों के सहयोग से रामगढ़ को हरा-भरा करने में जुटे वनकर्मी
बजट नहीं, लोगों से ही मांग रहे बीज
बूंदी. रामगढ़ विषधारी अभयारण्य को इन दिनों लोगों की मदद से हरा भरा करने की कवायद चल रही है। वनकर्मी ग्रामीणों से नीम की निमोली, खेर, बेर, गुगल के बीज मांग कर बीजारोपण कर रहे हैं। इससे बारिश के बाद इनके अंकुरित होने से जंगल में पौधों की संख्या बढ़ेगी। इसके लिए रामगढ़ रेंज व जैतपुर रेंज में कई हैक्टेयर भूमि पर इस तरह का कार्य किया जा रहा है। बड़ी बात यह है कि इसके लिए विभाग के पास कोई बजट नहीं हैं, लेकिन वनकर्मी अपने स्तर पर ही इसके लिए प्रयास कर रहे हैं।
108 हैैक्टेयर में डाले बीज
जैतपुर रेंज के क्षेत्रीय वन अधिकारी धर्मराज गुर्जर ने बताया कि रेंज में करीब 108 हैक्टेयर भूमि पर निमोली के बीज डालने के साथ ही खेर, बेर, गुलर, बड़, पीपल, जामुन के पौधे लगाए गए हैं। इसमें निमोली, खेर, बेर के बीज 100 हैक्टेयर में डाले गए हैं। वहीं जूलीफ्लोरा हटाने के बाद खाली हुई जमीन पर पीपल, गुलर के पौधे 8 हैक्टेयर में लगाए गए हैं। वहीं बजालिया ग्रासलैण्ड में 40 जामुन के पौधे, 6 बड़, गुलर और पीपल के पौधे लगाए गए हैं। यह कार्य वन्यजीवों के लिए फू्रट की उपलब्धता के लिए किए गए हैं। इसके लिए स्टाफ की ओर से ही श्रमदान किया जा रहा है।
ग्रामीणों से मंगवाई निमोली
इधर, रामगढ़ रेंज के क्षेत्रीय वन अधिकारी रामप्रसाद बोयत ने बताया कि रेंज के गुमानबावड़ी, भैरुपुरा आंतरी, आकोदा वनखण्ड में रामेश्वर महादेव तक बीज डाले गए हैं। इसके लिए ग्रामीणों से नीम की निमोली मंगवाई गई और ग्रामीणों के साथ मिलकर वनकर्मियों ने सभी जगह पर इन्हें डाला है। बीज सूखे हुए हैं, ऐसे में बारिश नहीं होने तक इनको कोई नुकसान भी नहीं होगा। बारिश होने के बाद इनका अंकुरण होना शुरू हो जाएगा।
Published on:
04 Jul 2021 09:07 pm
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