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चार माह से जेब खाली, कुछ तो पुकार सुनो हमारी

कहते हैं पसीना सूखने से पहले मजदूर को मजदूरी मिलनी चाहिए, लेकिन यहां पसीना बहता जा रहा है और मजदूरी नहीं मिल रही है।
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chaar maah se jeb khaalee, kuchh to pukaar suno hamaaree

चार माह से जेब खाली, कुछ तो पुकार सुनो हमारी

बूंदी. कहते हैं पसीना सूखने से पहले मजदूर को मजदूरी मिलनी चाहिए, लेकिन यहां पसीना बहता जा रहा है और मजदूरी नहीं मिल रही है। यह हालात हैं बूंदी शहर की नगर परिषद के। जहां कार्यरत कर्मचारियों व सफाई कर्मचारियों को बीते चार माह से वेतन नहीं मिला है। कर्मचारियों को हर माह उम्मीद रहती है कि उन्हें भी जिले के अन्य कर्मचारियों की तरह समय पर वेतन मिलेगा, लेकिन कर्मचारियों को हर माह वेतन के लिए तरसना पड़ रहा है।
कर्मचारियों को वेतन नहीं मिलने से मानसिक व आर्थिक पीड़ा का सामना करना पड़ रहा है। इसके बावजूद नगर परिषद व स्थानीय प्रशासन कर्मचारियों की समस्या का समाधान नहीं कर रहा है।

नहीं निभाया वादा
जानकारी के अनुसार वेतन नहीं मिलने से आहत सफाई कर्मचारियों ने विरोध प्रदर्शन व सामूहिक अवकाश शुरू कर दिया था। इस पर उपखण्ड अधिकारी की मध्यस्थता में समझौता हुआ। जिसमें कर्मचारियों को 28 फरवरी तक एक माह व मार्च में अन्य माह का बकाया वेतन देने पर सहमति बनी थी। ऐसे में कर्मचारियों को सिर्फ एक माह का वेतन 9 मार्च को दिया गया। इसके बाद कोई वेतन नहीं दिया। वर्तमान में 1 अप्रेल को कर्मचारियों का चार माह का वेतन बकाया हो जाएगा।

कैसे चलाए घर का खर्चा
कर्मचारियों की पीड़ा इन दिनों किसी से छुपी हुई नहीं है। कर्मचारियों को वेतन नहीं मिलने से घर का खर्चा चलाने में उन्हें परेशानी हो रही है। बाजार में दुकानदार भी उधार देने से हाथ खींचने लगे हैं। कर्मचारियों पर चार माह का किराना, दूध व बच्चों की स्कूल फीस सहित अन्य कर्जे चढ़ते जा रहे हैं।

श्रम विभाग करें कार्रवाई
श्रमिकों के हितों के लिए श्रम विभाग ने नियम बना रखे हैं। जिसके तहत कर्मचारियों को माह की अधिकतम दस तारीख तक वेतन मिलना चाहिए। यदि वेतन नहीं मिल रहा है तो श्रम विभाग संबंधित विभाग के खिलाफ कार्रवाई कर सकता है, लेकिन इसके लिए कर्मचारियों को श्रम विभाग में जाकर शिकायत देनी होगी।
अगर कर्मचारी एक हजार से ज्यादा हैं तो सात तारीख से पहले व एक हजार से कम है तो दस तारीख तक वेतन मिलना चाहिए। चार माह तक वेतन नहीं देने का कोई नियम नहीं है। हमारे पास कोई शिकायत दे तो कार्रवाई कर सकते हैं।
शंकर लाल बलाई, श्रम निरीक्षक, बूंदी
नगर परिषद स्तर पर राजस्व के स्रोत बढ़ाने के प्रयास किए जा रहे हैं। नगरीय विकास कर कुछ वसूल किया है। कर्मचारियों को प्राथमिकता से जल्द ही वेतन देने का प्रयास किया जाएगा।
बृजेश रॉय, आयुक्त, नगर परिषद, बूंदी