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राहुल द्रविड़ के टिप्स से चमक रही राजस्थान की चांदनी, टीम इंडिया के लिए खेलने का है सपना

चांदनी ने अपने स्कूल में 11 लड़कियों की एक टीम तैयार की। उसे दो बार राज्य स्तरीय महिला क्रिकेट प्रतियोगिता में बूंदी टीम का कप्तान बनाया गया। उसके बाद चांदनी ने क्रिकेट को ही अपना कॅरियर चुन लिया।

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Chandni Bairwa

म्हारी छोरी भी किसी छोरे से कम नहीं। यह पंक्ति राजस्थान के बूंदी जिले के तालेड़ा उपखंड के तीरथ गांव निवासी नरेश बैरागी की 15 वर्षीय बेटी चांदनी बैरागी पर सटीक बैठ रही है। चांदनी टीवी में आईपीएल व क्रिकेट खेल को देखकर इतनी प्रभावित हुई की बचपन से ही क्रिकेट खेलने का जुनून सवार हो गया और 12 साल की उम्र में ही क्रिकेट खेलना शुरू किया। रोजाना 6 से 8 घंटे क्रिकेट को देने लगी।

देखते ही देखते चांदनी ऑल राउंडर क्रिकेटर बन गई, जो राज्य स्तर पर होने वाली महिला क्रिकेट प्रतियोगिता में बूंदी जिले में महिला वर्ग क्रिकेट टीम की दो बार कप्तानी कर चुकी है, जिसके चलते चांदनी की बूंदी जिले में अपनी अलग ही पहचान बना चुकी है। उपखंड मुख्यालय तालेड़ा व जिला मुख्यालय पर जिला प्रभारी मंत्री व जिला कलक्टर से महिला वर्ग व क्रिकेट प्रतियोगिता में दो बार राज्य स्तरीय टूर्नामेंट में भाग लेने के कारण जिले में दो बार सम्मानित हो चुकी हैं।

जिद बदली जुनून में

चांदनी के पिता नरेश बैरागी ने बताया वह बचपन से ही टीवी पर आईपीएल देखने में रुचि रखती थी। जब चांदनी 12 वर्ष की थी तो तीरथ गांव के बच्चों के साथ खेतों में क्रिकेट खेलती थी। गांव में क्रिकेट खेलने के लिए मैदान का अभाव था। धीरे-धीरे बेटिंग करना आने लगा तो जिद करने लगी कि उसे तो क्रिकेट ही खेलना है। बेटी की जिद पर उसका एडमिशन किक्रेट अकेडमी में करा दिया। जहां पर वह रोजाना स्कूल के बाद 4 से 6 घंटे क्रिकेट की प्रैक्टिस करती थी।

ना तो घूमने का शौक ना ही अन्य बच्चों की तरह टीवी और मोबाइल पर गेम खेलने का। सिर्फ हाथों में इंडिया क्रिकेट टीम का बेट देखने की ख्वाहिश है। अपने देश के लिए इंटरनेशनल लेवल पर अपने आप को रिप्रेजेंट करने की कोशिश है। चांदनी प्रतिदिन स्कूल से सीधे 12 किलोमीटर का सफर तय कर रोजाना अकेडमी में पहुंचती है और भारत की महिला टीम में जगह बनाने के लिए 4 से 6 घंटा पसीना बहा रही है चांदनी का कहना है कि वह एक इंटरनेशनल क्रिकेटर बनकर अपने पिता का सपनों को साकार करेंगी।

स्वयं की टीम तैयार की

चांदनी ने अपने स्कूल में 11 लड़कियों की एक टीम तैयार की। उसे दो बार राज्य स्तरीय महिला क्रिकेट प्रतियोगिता में बूंदी टीम का कप्तान बनाया गया। उसके बाद चांदनी ने क्रिकेट को ही अपना कॅरियर चुन लिया और पढ़ाई भी जारी रखी और गांव की लड़कियों को क्रिकेट खेलने के प्रति जागरूक करने का कार्य कर रही हैं।

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घर की बजाय सीधे मैदान

चांदनी बैरागी तीरथ राजकीय उच्च माध्यमिक में कक्षा ग्यारहवीं की छात्रा हैं। स्कूल समय के बाद चांदनी पापा को लेकर अकेडमी में पहुंचती है और फिर यहां 4 से 6 घंटे बच्चों के साथ प्रैक्टिस करती है। चांदनी क्रिकेट में ऑलराउंडर प्रदर्शन पर फोकस कर रही है। टीम में उसकी कैप्टन के साथ फास्ट बॉलर के रूप में भी पहचान है।

नाम रोशन करोगी

चांदनी ने बताया जयपुर में नवंबर 2024 में राजस्थान रॉयल क्रिकेट प्रतियोगिता में हिस्सा लेने गईं। उस समय मेरी मुलाकात कोच राहुल द्रविड़ से हुई और उन्होंने बॉलिंग, बैटिंग व फील्डिंग के अलग-अलग टिप्स बताए और कहा की आगे जाकर तुम महिला क्रिकेट प्रतियोगिता में भारत का नाम रोशन करोगी।

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