
प्रेरक गीतों से किया राजनीति स्वच्छ करने का संकल्प...
बूंदी. 21वीं सदी की महिलाएं प्रेम, दया, करुणा की देवी होने के साथ महत्वाकांक्षी, स्वाभिमानी, दूरदर्शी तथा सफल योद्धा स्वरूप है, अपनी इन्हीं असीम क्षमताओं से लबरेज़ महिलाएं हर क्षेत्र में आगे बढ़ रही है । स्कूल-कालेजों में अपनी शैक्षिक योग्यताओं के बल पर हमेशा की तरह अभिभावकों के नाम को रोशन कर रही है लेकिन अब स्वच्छ राजनीति के लिए भी महिलाओं को आगे आना होना।
राजनीति में सकारात्मक बदलाव के लिए राजस्थान पत्रिका की ओर से देशभर में चलाए जा रहें पत्रिका चेंजमेकर महाअभियान में गुरुवार को स्वच्छ राजनीति में महिलाओ की भागीदारी पर परिचर्चा हुई। महिलाओं ने परिचर्चा में बढ़ चढ़ कर हिस्सा लिया। उत्साह से लबरेज महिलाओं ने मंच से अपनी बात बेबाकी से रखी।
एक स्वर में मुखर हो महिलाओं ने कहा कि वो राजनीति में बदलाव चाहती है। पत्रिका का यह अभिनव प्रयास निश्चित आने वाले वक्त में स्वच्छ राजनीति की ओर दिशा प्रदान करेगा ऐसा खुद प्रतिभागियों व वक्ताओं ने कहा।
इस कार्यक्रम के जरिए महिलाएं चेंजमेकर के रूप में और वॉलियेंटर के रूप में अभियान से जुड़ेगे जो राजनिति के बदलाव में सहायक होगा।
चौगान जेन मंदिर में आयोजित परिचर्चा में पत्रिका द्वारा चलाए जा रहें चेंजमेंकर अभियान की सराहना करते हुए कहा कि समाज का हर तबका पत्रिका चेंजमेंकर अभियान से जुडकऱ स्वच्छ राजनति का हिस्सा बनना चाहते है।
परिचर्चा में राजनिति में महिलाओं की भूमिका और सक्रियता को लेकर जब बात चली तो राजनीतिक पार्टियां कठघरें में खड़ी होती नजर आई। धर्म संगठन जातिवाद को भुलाकर इस मंच पर सिर्फ महिलाओं की एक शक्ति नजर आई जिसे खुद महिलाएं महसूस कर रही थी। अपनी बात रखने के साथ ही महिलाओं ने खुले मंच से प्रेरक शेर शायरी और कविता के जरिए जोश और ऊर्जा का महौल बना दिया। इसी जोश उत्साह और जुनून के साथ महिलाओं ने एकजुट होकर राजनीति में बदलाव के लिए महिला शक्ति ने संकल्प लिया।
इस तरह रखी अपनी बात-
महिलाओं में टिकट की भागीदारी 50 प्रतिशत होनी चाहिए। महिलाएं जब ससंद में पहुंचेगी तो तस्वीर देखने लायक होगी। पत्रिका चेंजमेकर बदलाव के नायक की शुरूआत महिलाओं से होनी चाहिए।
जिला शिक्षा अधिकारी तेजकंवर
महिला ठान लें तो कुछ भी कर सकती है। हम लड़ेगे नही तो जीत कैसे मिलेगी। नारी तू महान है मेरा भी अभिमान है शक्ति का रूप है तेरे में ही भगवान है।
उम्मे हबीबा रमसा प्रभारी
अपने अधिकारों और कर्तव्यों को पहचानकर महिलाएं खुद सशक्त हो। पुरूषों के साथ कदम ताल कर सके इसके लिए वो खुद सक्षम हो।
मधु वर्मा प्रधान
स्वच्छ राजनीति में जाएगी तो महिलाएं अच्छा काम कर पाएगी। इमानदार लोगो को चुनना होगा। मजबूती के साथ महिला शक्ति खड़ी हो। ओर अपने वोट की कीमत को समझे।
सुलोचना शर्मा
महिलाओं की भागीदारी से हमारे देश की दिशा व दशा तय करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। पत्रिका चेंजमेकर अभियान में महिलाओं की अहम भूमिका होगी।
रा.शिक्षक संघ राष्ट्रीय इन्दिरा शर्मा
तू बोलेगी तूं मुंह खोलेगी...तभी तो जमाना बदलेगा...प्रेरक भरी इन पक्तियों से
आव्हान करते हुए पत्रिका चेंजमेकर अभियान से अब हर वर्ग को जुडऩा होगा। वोट डालने से पहले पति या रिश्तेदारों से पुछकर नही बल्कि स्वयं के विवेक से काम लें। जाति धर्म और पार्टी से उपर उठकर सही योग्य व्यक्ति को वोट दें।
रेहाना चिश्ती शिक्षिका
राजनीति सुरक्षित भी है अनिवार्य भी है। सकारात्मक सोच के साथ आगे बढ़े। पत्रिका महाअभियान में बढ़ चढ़ महिलाओं को आहूति देनी होगी।
शालिनी विजय
पढ़े- लिखे, अच्छी सोच और हालात सुधारने का जज्बा रखले वाले लोग सक्रिय होगें तभी राजनीति ज्यादा जवाबदेह व ज्यादा जन हितैषी होगी।
सुमन बाकलीवाल अध्यक्ष महिला मंडल
पुरुष वर्ग को आगे आकर महिलाओं का सहयोग करना चाहिये ताकि महिलाएं आभूषणों से सज्जित देवी मात्र ना रह जाये बल्कि स्वाभिमानी दुर्गा स्वरूप बन सके। उन्हें कानूनी जानकारी होनी चाहिए।
कनीज़ फातिमा मानव तस्करी यूनिट प्रभारी
पत्रिका चेंजमेकर बदलाव के नायक अभियान की जरूरत सही मायने में है। इस बदलाव की शुरूआत हमें खुद से ही करनी होगी।
रेखा कलोशिया
आज हम वोट देने तक ही सीमित है। इसका नुकसान भी सामने आ रहा है। राजनीति में हमारी भागीदारी नगण्य है। राजनीति में अपराधियों, पूंजीपति सक्रिय हो गए है। पत्रिका चेंजमेकर के साथ अब बदलाव लाना ही होगा।
संतोष भाकल
राजस्थान पत्रिका की चेंजमेकर मुहिम सराहनीय व प्रशसनीय है। आज हम लोग जाति धर्म पार्टी सहित अन्य मुद्दो में बंटे है। स्वच्छ छवि, ईमानदार के साथ जो वास्तव में सेवा करना चाहता है उसे ही हम चुने।
सोनू शर्मा
महिलाएं हर क्षेत्र में आगे है। राजनीति में भी अपनी भागीदारी निभानी होगी। तभी स्वच्छ राजनीति सामने आएगी।
बीना नोसंदा महिला मंत्री
महिलाएं समाज के हर क्षेत्र में आगे बढ़ रही है लेकिन राजनीति में हम अब भी बचते है। महिलाओं को अपनी ताकत पहचाननी होगी। तभी स्वच्छ राजनीति सामने आएगी।
अनुकृति विजय
महिलाओं से बेहतर राजनीति में चेंज नही कर सकता। आज महिलाएं घर परिवर्तन कर सकती है तो राजनीति में क्यों नही। महिलाओं को खुद ही सक्रिय होना पड़ेगा।
ममता शर्मा
महिलाएं शिक्षित होगी तो राजनीति को स्वच्छ कर सकेगी। इसलिए उनकी भागीदारी बहुत जरूरी है।
रूचि
नारी वो शक्ति है जो ठान ले तो सब कुछ कर सकती है। इसी ताकत की जरूरत अब राजनीति क्षेत्र में है।
आशा गंगवाल
आने वाले चुनाव में 50 प्रतिशत महिलाओं को टिकिट के लिए ताकत दिखानी होगी। स्वच्छ राजनीति में सक्रिय होकर वो समाज की तस्वीर बदल सकती है।
हुमेरा कसेरा
हर पार्टी में अच्छे लोगो की संख्या मुठ्ठी भर और स्वार्थी तत्वों का जमघट है। अब पत्रिका चेंजमेकर अभियान के साथ यह तस्वीर बदलनी चाहिए।
रजनी छाबड़ा
राजनीति क्षेत्र में महिलाओं को अपनी भागीदारी खुद ही सुनिश्चित करनी होगी। राजनीति क्षेत्र में काबिल महिलाएं राजनीति को स्वच्छ कर सकती है।
आशु मीणा
आने वाले समय में राजनीतिक रणनीतिकारों को महिला वोटरों की शक्ति को ध्यान में रखते हुए नीतियाँ बनानी होंगी और यह सुनिश्चित करना पड़ेगा की महिलाओं से किये गये वायदे पूरे हों ।
साधना श्रृं्रगी
शिक्षित महिलाएँ राजनीति में कम संख्या में ही सही पुरुषों के साथ कदम-ताल कर रही है परंतु जब तक वे राजनीतिक संगठनों में जिला या राज्य स्तर की जिम्मेदारी उठाती नहीं दिखेंगी तब तक वे या तो पैराशूट नेतृत्व के द्वारा अथवा आरक्षण के द्वारा ही राजनीतिक तंत्र मे डाली जाती रहेंगी।
शशि दाधीच
महिला अपने घरों को अच्छा रखने के साथ ही बेहतर समाज देने की दिशा में कार्य कर रही हैं। उम्मीदकी जानी चाहिए कि आगामी चुनावों में महिलाएं अहम भूमिका निभाते हुए पार्टी को विजय द्वार तक ले जाएंगी।
संगीता छाबड़ा
ये लिया संकल्प-
मै स्वच्छ राजनीति के लिए खुद सक्रिय होकर अन्य को भी प्रेरित करूंगी।
- मैं राजनीति में महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने और उन्हें आगे बढ़ाने में सहयोग करूंगी।
- मैं आपराधिक अतीत वाले भ्रष्ट और अनैतिक राजनितिज्ञों का साथ कभी नहीं दूंगी।
Updated on:
31 May 2018 06:25 pm
Published on:
31 May 2018 06:12 pm
