अभिभाषकों ने बैठक में सुझाव रखे कि प्रशासनिक अधिकारियों को अदालत में बैठने का पर्याप्त समय मिले, ताकि मामलों के समय पर निस्तारण का रास्ता खुले। लोक अदालतों में वास्तव में उन्हीं मामलों को निस्तारित माना जाए जो वास्तविकता में आपसी समझाइश से सुलझें। लम्बित अवधि से अटके मामलों में निरीक्षण का प्रावधान होना चाहिए ताकि सही वस्तुस्थिति सामने आ सके। राजस्व अपील अधिकारी, कोटा में लम्बित मामलों की सुनवाई बूंदी में हो। अतिरिक्त संभागीय आयुक्त का कैम्प भी बूंदी में लगाए जाने का सुझाव रखा। अभिभाषक रामदत्त शर्मा, राजीव ठाकुर, रमेश जैन, कैलाश गुप्ता, कैलाश नामधरानी, सुनील गौतम एवं अन्य ने सुझाव प्रस्तुत किए। राजस्व अपील अधिकारी कोटा पंकज ओझा भी बैठक में मौजूद रहे।