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अनदेखी के चलते पहली बरसात में बह गई डेढ़ करोड़ की सडक़

ग्राम पंचायत धनेश्वर के गांव काला पीपला के ग्रामीणों को आजादी के बाद पहली बार पक्की सडक़ की सौगात मिली थी। मांडा योजना के तहत 2.3 किलोमीटर की धनेश्वर से काला पीपला तक 1 करोड़ 36 लाख रुपए की लागत से सडक़ का निर्माण करवाया गया था।

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अनदेखी के चलते पहली बरसात में बह गई डेढ़ करोड़ की सडक़

डाबी. क्षतिग्रस्त पुलिया व पुलिया के पास से उखड़ी सडक़।

डाबी. ग्राम पंचायत धनेश्वर के गांव काला पीपला के ग्रामीणों को आजादी के बाद पहली बार पक्की सडक़ की सौगात मिली थी। मांडा योजना के तहत 2.3 किलोमीटर की धनेश्वर से काला पीपला तक 1 करोड़ 36 लाख रुपए की लागत से सडक़ का निर्माण करवाया गया था।
ग्रामीणों को वर्षों बाद मिली इस सडक़ की खुशी एक वर्ष भी नहीं टिक सकी। सडक़ निर्माण में घटिया निर्माण सामग्री काम में लिए जाने के कारण सडक़ उखडऩे लगी। वहीं पहली तेज बारिश में बरसाती नाले पर बनी पुलिया के आसपास की सडक़ बह गई। सडक़ बहने के साथ ग्रामीणों को आवागमन की समस्या का सामना करना पड़ रहा। ग्रामीणों ने घटिया निर्माण की उच्च स्तरीय जांच करवाने की मांग की है। पिछले वर्ष सडक़ निर्माण के दौरान घटिया निर्माण सामग्री काम में लिए जाने व बरसाती नाले पर बनी पुरानी पुलिया पर ही नई पुलिया के निर्माण करवाने की शिकायत की गई थी।अब जब पहली बारिश में ही पुलिया के आसपास की सडक़ बह गई।

पहली बार बनी काला पीपला की सडक़
काला पीपला के ग्रामीणों को वर्षों तक संघर्ष के बाद सडक़ निर्माण की सौगात मिली थी। संवेदक व अधिकारियों ने मिलीभगत कर गैरजिम्मेदाराना रवैया अपनाकर सडक़ निर्माण में अनियमितताएं बरती।

पुरानी क्षतिग्रस्त पुलिया पर करवा दिया नई सडक़ का निर्माण
धनेश्वर से काला पीपला तक बनी सडक़ पर दो से तीन जगह पर बरसाती नाले निकल रहे है। इन बरसाती नालों पर पुरानी क्षतिग्रस्त पुलियाएं बनी हुई थी। इन क्षतिग्रस्त पुलियों पर ही संवेदक ने सडक़ निर्माण करवा दिया। निर्माण के दौरान तेज बारिश में पुलिया बह गई थी। मिलीभगत के चलते सडक़ निर्माण के दौरान जिम्मेदार अधिकारियों ने किसी प्रकार की रोक टोक नही की। ग्रामीणों ने पुलिया निर्माण के दौरान भी घटिया निर्माण की मौके पर मौजूद जिम्मेदारो से मौखिक तोर पर शिकायत भी की पर सुनवाई नही हुई।