
बूंदी
बूंदी. स्वायत्त शासन विभाग की ओर से नगर परिषद बूंदी का विस्तार किया गया है। नगर परिषद क्षेत्र का विस्तार करते हुए इसमें 19 गांवों को शामिल किया गया है, जबकि पास के तालाब गांव को छोड़ दिया गया है, जबकि तालाब गांव औद्योगिक, मेडिकल कॉलेज एवं पर्यटन क्षेत्र के कारण शामिल किया जाना आवश्यक माना जा रहा था।
स्वायत्त शासन विभाग की ओर जारी आदेश के अनुसार राजस्व ग्राम रामगंजबालाजी, नानकपुरिया, भंवरदा, रायता, उमरच, दौलाड़ा, बालापुरा. कुंवारती, बीबनवा, माटुण्डा, श्योपुरिया बाबडी, गांधीग्राम, गणपतपुरा, हट्टीपुरा, अस्तोली, कांजरी सिलोर, रघुवीरपुरा, बहादुरपुरा, सिलोर को नगर परिषद क्षेत्र में शामिल किया गया है। इस सब गांवों की जनसंख्या 25 हजार 476 मानी गई है।
बदलेंगे वार्ड
नगर परिषद में वर्तमान में 60 वार्ड है। ऐसे में वार्डों का दायरा भी बढ़ाया जाएगा। इसके लिए वार्डों का परिसीमन होगा। तथा अब चुनाव में पार्षद पद के लिए भाग्य आजमाने वाले प्रत्याशियों के लिए चुनाव जीतना आसान नहीं होगा। वहीं पंचायत समिति व जिला परिषद के वार्डों का भी पुनर्गठन किया जाएगा।
सुनियोजित योजना भी बने
उक्त गांवों के लोगों का कहना है कि नगर परिषद क्षेत्र में शामिल किए जाने के पहले लोगों को विश्वास में लिया जाना चाहिए था। कुछ गांवों को छोड़ दे तो वहां पहुंचने के लिए सुलभ सड़क कई बार अवगत कराने के बाद भी नहीं बन पाई है। ऐेसे में नगर परिषद क्षेत्र का विस्तार करने से पहले उक्त गांवों के विकास के लिए सुनियोजित विकास की योजना बनानी चाहिए थी। शहर के विकास का जिम्मा नगर परिषद का है, जबकि शहर में सड़कों पर गड्ढे व कचरे के ढेर हर तरफ नजर आते है। जनप्रतिनिधी व अधिकारी दर्जनों बार इनसे मुक्ति दिलवाने के आश्वासन भी दे चुके है, लेकिन इनसे निजात नहीं मिली, ऐसे में शहरी सरकार उक्त शामिल किए गए गांवों का विकास कैसे करवा पाएगी।
तालाब गांव को छोड़ा
स्वायत्त शासन विभाग द्वारा नगर परिषद में 19 गांव शामिल करने के साथ ही तालाब गांव को सीमा से बाहर रखा गया है, जबकि हिण्डोली विधानसभा का उक्त गांव नगर परिषद की सीमा से सटा हुआ है तथा इसके पास औद्योगिक क्षेत्र प्रस्तावित है, जिसके लिए भूमि भी आवंटित हो चुकी है। वहीं यहां मेडिकल कॉलेज संचालित है। इसके अलावा तालाब गांव में फुलसागर होने के कारण पर्यटन की दृष्टि से भी महत्वपूर्ण है।
तालाब गांव पर्यटन, चिकित्सा एवं औद्योगिक रूप से समृद्ध है।नगर परिषद क्षेत्र में उक्त गांवों के अलावा तालाब गांव को आवश्यक रूप से शामिल किया जाना चाहिए था। इसे शामिल नहीं किए जाना समझ से परे है।
मुकेश माधवानी, नेता प्रतिपक्ष, नगर परिषद, बूंदी
नगर परिषद क्षेत्र के विकास को राजनीतिक रूप दिया गया है। गांवों के विकास के लिए आर्थिक संसाधन उपलब्ध ही नहीं है। बूंदी का मेडिकल कॉलेज तालाब गांव में है। इसे किस आधार पर छोड़ा गया। वहीं गांवों का विकास कैसे होगा, इस बारे में स्थानीय लोगों व जनप्रतिनिधियों से राय तक नहीं ली गई।
हरीमोहन शर्मा, विधायक, बूंदी
नगर परिषद क्षेत्र का विस्तार होने के साथ ही संसाधन भी बढ़ेंगे। सबको साथ लेकर विकास की योजना तैयार करेंगे।
सरोज अग्रवाल, सभापति, नगर परिषद बूंदी।
Updated on:
17 Jan 2025 05:53 pm
Published on:
17 Jan 2025 05:52 pm
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