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दो रुपए किलो बिक रही पत्ता गोभी, लागत नहीं निकलने पर मवेशियों को खिला रहे

क्षेत्र के किसानों की इस बार पत्ता गोभी की फसल ने कमर तोड़ दी है। क्षेत्र के किसानों ने बड़ी उम्मीद के साथ बाजार से महंगे दामों में पत्ता गोभी का बीज खरीदकर नर्सरी में पौध तैयार कर खेतों में तीन माह पूर्व पत्ता गोभी की फसल लगाई थी, लेकिन दाम नहीं मिलने से ओने पौने दामों पर बेचने पर मजबूर होना पड़ रहा है।

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पत्रिका न्यूज नेटवर्क
बूंदी/बड़ानयागांव। क्षेत्र के किसानों की इस बार पत्ता गोभी की फसल ने कमर तोड़ दी है। क्षेत्र के किसानों ने बड़ी उम्मीद के साथ बाजार से महंगे दामों में पत्ता गोभी का बीज खरीदकर नर्सरी में पौध तैयारकर खेतों में तीन माह पूर्व पत्ता गोभी की फसल लगाई थी, लेकिन इन दिनों सब्जी मंडियों में किसानों को पत्ता गोभी की पैदावार के दाम नहीं मिलने से ओने पौने दामों पर बेचने पर मजबूर होना पड़ रहा है, जिसके चलते किसानों की मेहनत की लागत भी नहीं निकल पा रही है,जबकि पिछले वर्ष पत्ता गोभी की पैदावार सब्जी मंडियों में ऊंचे दामों पर बिकने से क्षेत्र के किसानों अच्छा मुनाफा मिल पाया था।

ऐसे में इस बार क्षेत्र के किसानों ने पत्ता गोभी की फसल को लेकर अधिक रूचि दिखाई थी, लेकिन क्षेत्र के किसानों के लिए इस बार पत्ता गोभी की फसल घाटे का सौदा साबित हो गई, बड़ानयागांव के किसान भंवरलाल कुमावत, मांगली कला के शंकर लाल सैनी, मांगली खुर्द के भंवर सिंह सोलंकी, जुगराज सिंह, धनराज सिंह, चतरगंज के रमेश गुर्जर ने बताया कि खेतों को तैयार कर इस बार अधिक जमीन पर पत्ता गोभी की फसल तैयार की थी।

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क्षेत्र के खेतों में इन दिनों पत्ता गोभी की फसल की बंपर पैदावार मिल रही है, लेकिन प्रदेश की सब्जी मंडियों में पत्ता गोभी की पैदावार के थोक दाम एक रुपए से लेकर 2 रुपए प्रति किलो तक मिलने से किसानों को खेतों से पत्ता गोभी की पैदावार निकालकर बेचने के लिए सब्जी मंडी तक ले जाने की लागत भी नहीं निकल पा रही है। ऐसे में क्षेत्र के कई किसानों ने खेतों में पत्ता गोभी की पैदावार मजबूरी में अपनी मवेशियों को खिलाना शुरू कर दिया है। क्षेत्र के किसानों ने बताया कि इस बार पत्ता गोभी की फसल में किसानों को काफी नुकसान उठाना पड़ेगा।क्षेत्र के मांगली कला, मांगली खुर्द, बोरखेड़ा, टहला, डेरोली, बिचड़ी, चैता, रामी की झोपड़ियां, दाता, कुंडला, बड़ोदिया, सथूर, हरिपुरा समेत अन्य गांवों में पत्ता गोभी की फसल काफी तादाद में की जा रही है।

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