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किसानों ने खाया चारा, बने मुर्गा, आखिर क्यों ? पढि़ए ये खबर…

सूखी फसल हाथ में लहराते हुए रोष जताते किसान। आर्थिक संकट के चलते मुंह में फसल खाते व मुर्गा बनकर धरतीपुत्र प्रशासन

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बूंदी. सूखी फसल हाथ में लहराते हुए रोष जताते किसान। आर्थिक संकट के चलते मुंह में फसल खाते व मुर्गा बनकर धरतीपुत्र प्रशासन से नहरी पानी पहुंचाने की गुहार लगाते हुए थक चुके, लेकिन अंतिम छोर पर पानी नहीं मिल रहा।
नारेबाजी करते हुए किसान कलक्ट्रेट पहुंचे और बूंदी ब्रांच केनाल की खटवाड़ राजवाह में पानी की मांग रखी। वे जिला कलक्टर से भी मिले।किसानों ने बताया कि रामगंजबालाजी के गेज मेंटन १६५ अखेड़ १८६५ में ८०-८५ का गेजमेन्टेन हो जिससे लोगों को सिंचाई के लिए पानी मिल सके। इससे खटकड़-राजवाह के अधीन आने वाले गांव अजेता, रायथल, पीपल्या, माडित्या, जखाना व छावनिया छापरदा पर पानी पहुंचे। इस दौरान नंदकिशोर रावल, श्यामा बिहारी शर्मा, महावीर पंचोली, कन्हैयालाल, मोहन लाल, हंसराज मीणा आदि मौजूद थे।
प्रदर्शन कर सौंपा ज्ञापन
भारतीय खेत मजदूर कांगे्रस से जुड़े कार्यकर्ताओं व किसानों ने दौलाड़ा, ओंकारपुरा, दयालपुरा, सांमरभा वितरिका के टेल में पानी पहुंचाने की मांग को लेकर जिला कलक्टे्रट पर मुर्गा बनकर व चारा खाकर प्रदर्शन किया। बाद में जिला कलक्टर को ज्ञापन सौंपा गया।
किसानों ने बताया कि इन वितरिकाओं में ७ जनवरी से सिंचाई का पानी बंद कर रखा है। उधर फसलें ६५ दिन की होने के बाद भी पानी नहीं मिलने से गेहूं की फसल बर्बाद होने की कगार पर है। दौलाड़ा, ओंकारपुरा, दयालपुरा, सामरभा वितरिका में पडऩे वाले गांव नयागांव, ओंकारपुरा, नंदपुरा, गुवाड़ी, भैरूपुरा ओझा, बम्बोरी, सामरभा, गोबरिया, रायथल में फसलों को पानी नहीं मिल पा रहा है। इस संबंध में सीएडी के अधिकारियों को भी ज्ञापन दिए, लेकिन सुनवाई नहीं हुई। ज्ञापन देने वालों में गौरीशंकर मीणा, कैलाश मीणा, सत्यनारायण मीणा, गिरिराज, मुकुट बिहारी, बिरधीलाल, गणेशलाल, नंदकिशोर, रामलाल, फौरूलाल, राजेन्द्र कुमार मीणा, गोबरीलाल आदि मौजूद थे।

नहरी पानी नहीं मिला तो होगा आंदोलन
कापरेन. नहरी पानी की समस्या से क्षेत्र के किसानों को इस समय संकट का सामना करना पड़ रहा हैं। किसानों का कहना हैं कि कापरेन ब्रांच की चेन संख्या 1440 में एक फ रवरी से गेज मेंटेन करना था, लेकिन इसके विपरीत सीएडी अधिकारियों ने पानी को डाउन करके केपाटन ब्रांच में डायवर्ट कर दिया है। इसके चलते पाटन ब्रांच में पर्याप्त पानी चल रहा हैं और कापरेन ब्रांच व इससे जुडी डिस्ट्रीब्यूटरी व माइनर सूखे पड़े हुए हैं। पहले कभी भी कापरेन ब्रांच का पानी पाटन ब्रांच में डायवर्ट नहीं हुआ हैं। जल उपयोक्ता संगम अध्यक्ष वीरेंद्र सिंह हाड़ा, किसान नेता मुकेश बोहरा, दानबिहारी मीणा, गोपाल चौधरी, नन्दलाल गोस्वामी, जगदीश बोहरा, शंकरलाल मीणा आदि किसानों ने बताया कि सीएडी द्वारा पानी कापरेन ब्रांच में नहीं दिया गया तो किसानों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।