
लबान के पाटन ब्रांच
लबान. चम्बल सिंचाई परियोजना की नहरों में इस बार टेल क्षेत्र तक पानी नहीं पहुंच पाने से किसानों की धान की फसलें प्यासे खेतों में सूखने की कगार पर आ गई हैं। नहरों में पर्याप्त जल प्रवाह नहीं होने और कई स्थानों पर माइनरों के क्षतिग्रस्त रहने के कारण किसानों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। जानकारी अनुसार विभाग द्वारा नहरों की सफाई और मरम्मत कार्य करवाए बिना ही जल प्रवाह शुरू कर दिया गया। नतीजतन नहरों में झाड़-झंखाड़, अवरोधक और टूट-फूट के चलते पानी बीच में ही रुक जाता है और टेल क्षेत्र तक नहीं पहुंच पा रहा है।
गांवों में बिगड़ रहे हालात
पाटन ब्रांच से जुड़े आजन्दा, बलदेव पूरा, घाट का बराणा, झपायता, देईखेड़ा, कोटाखुर्द, गुहाटा, चहिचा, लबान, बगली, बहदावली, माखिदा आदि गांवों के खेत सूखे पड़े हैं। इसी तरह कापरेन ब्रांच से जुड़े देईखेड़ा, रामगंज, छप्पनपुरा, प्रतापगढ़, लक्ष्मीपुरा, डडवाड़ा, डपटा सहित अन्य गांवों में भी किसान नहरी पानी का इंतजार कर रहे हैं।
सिचाई परियोजना के पूर्व सम्भागीय सचिव कमरुद्दीन मेव का कहना है कि धान की फसल इस समय सिंचाई की सर्वाधिक आवश्यकता वाली अवस्था में है। यदि जल्द ही नहरी पानी उपलब्ध नहीं हुआ तो फसलें खराब हो सकती हैं, जिससे किसानों को भारी नुकसान उठाना पड़ेगा।
किसानों की मांग
क्षेत्र के किसान रमेश गुर्जर, भेरू सिंह, ओम प्रकाश, वार्ड पंच मोनू मेहरा, विशाल मेहरा आदि किसानों ने विभाग से मांग की है कि नहरों की सफाई व मरम्मत कार्य तत्काल करवाकर नहरों में जल प्रवाह सुचारु किया जाए, ताकि टेल क्षेत्र तक पर्याप्त पानी पहुंचे और फसलें बच सकें।
Published on:
19 Sept 2025 06:39 pm
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