5 फ़रवरी 2026,

गुरुवार

Patrika Logo
Switch to English
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

यहां पेड़ तले होती है बच्चों की पढ़ाई…जानिए कहां है ऐसा स्कूल

कस्बे में राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय में कक्षा-कक्षों का अभाव होने से विद्यार्थियों को खुले में पढ़ाई करनी पड़ती है। बरसात के दिनों में अधिक परेशानी का सामना करना पड़ता है।

2 min read
Google source verification
Here children are studying under the tree ... know where is such a sch

यहां पेड़ तले होती है बच्चों की पढ़ाई...जानिए कहां है ऐसा स्कूल

बड़ानयागांव. कस्बे में राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय में कक्षा-कक्षों का अभाव होने से विद्यार्थियों को खुले में पढ़ाई करनी पड़ती है। बरसात के दिनों में अधिक परेशानी का सामना करना पड़ता है। विद्यालय में कक्षा एक से बारहवीं तक कक्षाओं का संचालन हो रहा है। विद्यालय में 671 विद्यार्थियों का नामांकन है। जिसमें 330 छात्राएं शामिल हैं। यहां स्थित बालिका उच्च प्राथमिक विद्यालय क्रमोन्नत नहीं होने से आठवीं के बाद पढ़ाई के लिए छात्राओं को इसी विद्यालय पर दाखिला लेना पड़ता है, जिसके कारण हर वर्ष विद्यालय में विद्यार्थियों का नामांकन बढ़ता जा रहा है। विद्यालय में 12 कक्षा-कक्ष है, जिनमें से एक कक्ष में राजस्व विभाग की ओर से पटवार घर संचालित किया जा रहा है। चार कमरों की मरम्मत नहीं होने से जर्जर हालात में हैं। कमरों की मरम्मत करवाने के लिए स्कूल की ओर से कई बार विभाग को पत्र लिखकर अवगत करवाया, लेकिन मरम्मत नहीं हो पाई है। पहले प्राथमिक विद्यालय भैरूजी के बाग के निकट स्थित भवन पर संचालित होता था, लेकिन कुछ सालों पहले सरकार की ओर से प्राथमिक विद्यालय यहां स्थित विद्यालय में मर्ज कर दिया।
कहां करवाएं कक्षों का निर्माण
विद्यालय में जगह का अभाव होने से कक्षा कक्षाओं के निर्माण में बाधा आ रही है। गत वर्ष विधायक कोष से कक्षों के निर्माण के लिए सात लाख रुपए की राशि स्वीकृत की गई थी, लेकिन विद्यालय में कक्षों के जमीन नहीं होने से निर्माण नहीं हो सका। इससे पूर्व भी यहां कक्षा के निर्माण के लिए मोटी राशि स्वीकृत होकर आई थी, लेकिन जमीन के अभाव में निर्माण नहीं होने से राशि लैप्स हो गई।
-बड़ानयागांव विद्यालय में जमीन के अभाव में कक्षा कक्षों का निर्माण नहीं होने से विद्यार्थियों के सामने पढ़ाई में समस्या उत्पन्न होती है। निर्माण के लिए जमीन का आवंटन हो जाए तो कक्षों का निर्माण हो सकता है ।
इकबाल मियां अंसारी, प्रधानाचार्य
-विद्यालय में कक्षों की कमी की सूचना मिली थी। विद्यालय के पास जमीन का अभाव है । ग्रामीणों के सहयोग से जमीन का आवंटन करवा दिया जाए तो विभाग की ओर से कक्षों का निर्माण करवा दिया जाएगा।
तेज कंवर, जिला शिक्षा अधिकारी माध्यमिक बूंदी