चम्बल नदी में कोटा बैराज से जल प्रवाह करने के बाद रविवार शाम पांच बजे से ही पानी की आवक तेज हो गई। देखते ही देखते पानी तेजी से बढ़ने लगा। केशव घाट, नाव घाट पानी में डूबते गए। भैरव घाट का चबूतरा पानी में डूब गया। पानी निरन्तर बढ़ता जा रहा है। शाम छह बजे तक पानी कार्तिक मेला परिसर में पहुंच गया। चम्बल नदी किनारे नर्मदेश्वर महादेव व गणेशजी की धर्मशाला में पानी भोलेनाथ का अभिषेक करने पहुंच गया। जिस समय पानी बढ़ रहा था उस समय चुनरी उत्सव चल रहा था। चम्बल में डेढ़ दर्जन नावों में बड़ी संख्या में श्रद्धालु भरे हुए थे। एक दर्जन नावों में लोग रंगपुर में फंसी हुई है।