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इंदिरा रसोई योजना : आठ रुपए के बजाय दस रुपए में दे रहे खाना, पैकिंग करने के मांग रहे 25 रुपए

शहर में संचालित इंदिरा रसोई का उद्देश्य जरूरतमंदों को आठ रुपए में मौके पर ही गर्मा-गर्म खाना उपलब्ध कराना है, लेकिन यहां संचालक मनमानी कर रहे है और आठ के स्थान पर दस रुपए वसूल ले रहे है। यहीं नहीं कई जगह शेष रुपए के अभाव में चॉकलेट दे रहे तो कई स्थानों अतिरिक्त पर रोटी दी जा रही है।  

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बूंदी@पत्रिका। शहर में संचालित इंदिरा रसोई का उद्देश्य जरूरतमंदों को आठ रुपए में मौके पर ही गर्मा-गर्म खाना उपलब्ध कराना है, लेकिन यहां संचालक मनमानी कर रहे है और आठ के स्थान पर दस रुपए वसूल ले रहे है। यहीं नहीं कई जगह शेष रुपए के अभाव में चॉकलेट दे रहे तो कई स्थानों अतिरिक्त पर रोटी दी जा रही है। वहीं पैकिंग करने की सुविधा एक व्यक्ति के साथ एक की है, लेकिन यहां संचालक 25 रुपए प्रति थाली लेकर भी पैक कर रहे है।

इसमें भी कहीं जगह तो जली रोटियां, पानी वाली पतली दाल तो कहीं जगह थाली में सब्जी कम मात्रा में नजर आई। वहीं एक भी इंदिरा रसोई में थाली में आचार नजर नहीं आया। साथ ही मैन्यू भी एक ही इंदिरा रसोई में नजर आया। साफ-सफाई दुरुस्त मिली,लेकिन एक जगह द्वार पर गंदगी पसरी दिखी। शहर में सात इंदिरा रसोई संचालित है। राजस्थान पत्रिका रिपोर्टर गुंजन बाकलीवाल की रिपोर्ट...

स्थान: सामान्य चिकित्सालय, दोपहर 12.05 बजे
सामान्य चिकित्सालय के पुराने जनाना वार्ड पर संचालित इंदिरा रसोई में एक व्यक्ति भोजन कर रहा था, जबकि चार से पांच लोग कूपन मांगे, नहीं दिए जाने पर चले गए। पत्रिका प्रतिनिधि ने 10 से 12 लोगों के लिए खाना पैक करने के लिए कहा। महिला कर्मचारी ने कहा वैसे तो नियम में नहीं है, लेकिन 25 रुपए अतिरिक्त दे कर ले जाओं। हालांकि पैकिंग का सामान आपको लाना पड़ेगा।

स्थान: अदालत के सामने, दोपहर 12.20 बजे
अदालत के सामने स्थित इंदिरा रसोई पहुंचे। प्रवेश द्वार गंदगी से अटा दिखा। साइड में ग्रीन पर्दा लगाकर रोटियां बनाई जा रही थी। एक महिला कर्मचारी बर्तन साफ कर रही थी। अंदर दो जने खाने के इंतजार में बैठे थे। खाना पैक करने के लिए कहा तो कि पैक तो नहीं होगा, फिर पूछा कितने लोगों का लोगे, इस पर पत्रिका प्रतिनिधि ने कहा कि 10 जनों का तो उसने कहा पैकिंग का सामना लाना पड़ेगा ओर 25 रुपए में हो जाएगा।

स्थान: कुंभा स्टेडियम, दोपहर 12.35 बजे
कुंभा स्टेडियम स्थित रसोई में पहुंचे तो सन्नाटा पसरा था। एक व्यक्ति चारपाई पर तो तीन व्यक्ति कुर्सी पर बैठे हुए थे। पैक कराने की पूछा तो कर्मचारी ने कहा एक व्यक्ति के साथ एक को ही पैक कराने की सुविधा है। नियम के अनुसार ज्यादा पैक नहीं कर सकते है। वहीं यहां कोई भी व्यक्ति खाना खाते हुए नजर नहीं आया। तथा काउंटर पर एक जना बैठा हुआ था।

स्थान: देवपुरा रैन बसेरा, दोपहर 12.55 बजे
देवपुरा रैन बसेरा आए तो प्रवेश द्वार से होटल जैसा नजारा देखने को मिला। काउंटर के सामने ब्लैक बोर्ड पर मैन्यू लगा हुआ था। एक साइड में सुझाव पेटिका थी, ताकि कोई भी अपनी समस्या लिख सके। लाइटें बंद थी। 5 से 7 व्यक्ति भोजन करने आए। लाइट नहीं आने से महिला कर्मचारी ने कहा पैसे जमा करा दो और खाना खाकर फोटो खिंचवा लेना। एक व्यक्ति ने सब्जी में मिर्ची कम बताई तो एक ने जली रोटियां दिखाई।

दिखाई पतली दाल और जलीव कच्ची रोटियां
जिला अस्पताल के पुराने जनाना वार्ड में इंदिरा रसोई में खाना खा रहे एक ग्रामीण व्यक्ति को फोटो खिंचवाने के बाद दो सब्जी ओर चपाती रखी। दाल की मात्रा कम होने पर विरोध किया। आचार नहीं रखा। यहीं हाल देवपुरा रैन बसेरे में देखने को मिला। यहां जली रोटिया दो जनों ने दिखाई। तभी इसमें से एक व्यक्ति ने कहा कि आठ रुपए में ऐेसे ही मिलेगा पानी पतली दाल को जली रोटिया।

मामले की जानकारी लेंगे
इंदिरा रसोई में भोजन के लिए आने वाला व्यक्ति अपने साथ एक जने का खाना पैक करवा कर ले जाना चाहता है तो ले जा सकता है। इसके अलावा कोई पैकिंग की जा रही है तो गलत है। 25 रुपए में पैकिंग करने की बात है तो पता करते है। कच्ची रोटियां,पतली दाल की कहीं शिकायत है तो इसकी जांच करवाई जाएगी।
महावीर सिंह सिसोदिया , आयुक्त,नगर परिषद,बूंदी