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टेंडर में उलझी एमपी कार्ड मलेरिया जांच…

जिला चिकित्सालय में एमपी मलेरिया कार्ड टेस्ट के लिए करना होगा इंतजार-
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investigation of blood group with MP malaria stalled due to non-tender

टेंडर में उलझी एमपी कार्ड मलेरिया जांच...

बूंदी. एम.पी मलेरिया जांच के लिए जिला अस्पताल जा रहें तो आपको निराश होकर ही लौटना होगा। जी हां शुक्रवार से जिला चिकित्सालय में एमपी मलेरिया के साथ ब्लड गु्रप की जांच ठप हो गई वजह टेंडर नही होना है। टेंडर प्रक्रिया में फिलहाल एक सप्ताह से अधिक का समय लग सकता है।

वहीं सुबह से जांच के लिए आए मरीजों को भी जाचं सेवा प्रभावित होने से परेशानी का सामना करना पड़ा। सबसे ज्यादा गर्भवती महिलाओं को परेशानी हुई। जिला चिकित्सालय में इन दिनों मौसमी बीमारियों से पीडि़त होकर बड़ी संख्या में मरीज पहुंच रहें है।

मलेरिया के लक्षणों से प्रभावित मरीजो को चिकित्सक रिपोर्ट में एमपीमलेरिया जांच लिख रहें है। इससे अस्पताल में कार्ड का जों स्टॉक था वो पूरा हो गया। लेकिन गुरुवार को कार्ड खत्म होने के बाद मरीजो को परेशानी उठानी पड़ी। कार्ड की सप्लाई के लिए होने वाले टेंडर की प्रक्रिया में समय लगने की बात कही जा रही है।

प्रतिदिन हो रहे 80से 90 सेंम्पल-


बुखार खांसी जुकाम सहित मलेरिया के लक्षणो से प्रभावित लोगो की करीब प्रतिदिन 80 से 90 मरीजो की जांच की जा रही है। मरीजो की बढ़ती तादाद के बाद एमपी मलेरिया कार्ड की सप्लाई भी गडग़बड़ा गई। वहीं ब्लड गु्रप जांच भी नही हो पा रही है। जबकि यह जांच होनी अनिवार्य है। खासकर गर्भवती महिलाओं के लिए। अस्पताल में प्रतिदिन 40 से 50डिलीवरी होती है।


एक दिन पहले सीबीसी मशीन हुई ठप-


गुरुवार को मातृ-शिशु डे होने के चलते जांच का दबाव बढ़ गया जिससे सीबीसी मशीन गर्म होकर ब्लॉक हो गई। ऐसे में मरीजो के सेंपल नही हो पाए लेकिन शुक्रवार से मशीन सही होने के बाद व्यवस्था पटरी पर आ गई।


स्लाइड टेस्ट तो हो रहे है। कार्ड अभी अवेलेबल नही हो पा रहें है। जिस कार्ड के लिए टेंडर हुआ तो उसमे कम रेट की वजह से टेंडर नही हो पाए। व्यवस्था करने का प्रयास किया जा रहा है। इसमें सात दिन तो लगेगे। पहले कोटा से सप्लाई हो रही थी।
ओपी वर्मा- पीएमओ

क्यो जरूरी है-


ब्लड गु्रप काफी मायने रखता है। क्येाकि खून के सभी प्रकार एक दूसरे के प्रति अनुकूल नही होते। खून का गलत प्रकार चढ़ाने से मरीज का इम्यून सिस्टम कुछ ऐसे रिएक्शन कर सकता है जिनसें गंभीर स्वास्थ्य समस्याएं हो सकती है। यहां तक की मौत भी हो सकती है।


व्यक्ति को ख्ूान चढ़ाने से पहले, रक्तदान करने वाले व्यक्ति का खून लेने से पहले, व गर्भवती महिला और किसी व्यक्ति पर अपराध का संदेह हो तो उसकी पहचान करने के लिए भी ब्लड गु्रप टेस्ट किया जाता है।